
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) कंट्रोल रूम में तैनात किए गए 10 कर्मचारियों की अनुपस्थिति जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई। ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतने के इस मामले में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाते हुए उनसे तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत जिले के विभिन्न शासकीय व शैक्षणिक विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की पालीवार (शिफ्टवाइज) ड्यूटी ईओसी/कंट्रोल रूम में लगाई गई थी। प्रशासन की ओर से पत्र, फोन और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों से सभी संबंधित कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी और समय की सूचना समय से दे दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित तिथियों व समय पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए। जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यों में इसे घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
इन 10 कर्मचारियों पर गिरी गाज
कंट्रोल रूम ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों में जनता इंटर कॉलेज कुटेसरा के लिपिक प्रशांत शर्मा, गंग नहर के कनिष्ठ सहायक रवि कुमार, एसडी डिग्री कॉलेज के लिपिक रविंद्र सिंह, जल निगम के वरिष्ठ सहायक अंकुर जैन तथा जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय के सहायक लेखाकार विजय वर्मा शामिल हैं। इनके अलावा गंग नहर के अवर अभियंता विवेक चौधरी, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के वरिष्ठ सहायक अतुलेश चंद्र शर्मा, एसडी इंटर कॉलेज मीरापुर के कनिष्ठ सहायक रणजीत सिंह, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के गन्ना पर्यवेक्षक ललित कुमार और एसडी डिग्री कॉलेज मुजफ्फरनगर के लिपिक नीतीश गोयल के नाम भी लापरवाही बरतने वालों की सूची में शामिल हैं।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन सभी अनुपस्थित कर्मचारियों से ड्यूटी में ढिलाई का कारण पूछते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करें और अपनी स्पष्ट संस्तुति के साथ तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रशासन की इस त्वरित व सख्त कार्रवाई से लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
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