
लोकपथ लाइव, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम एक बार फिर सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 प्रदेश के 60 जनपदों के 1,372 परीक्षा केंद्रों पर तीन दिनों तक अत्यंत शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस महापरीक्षा में कुल 68.79 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने कराया था पंजीकरण
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पीईटी-2026 के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। इनमें से 24,36,253 अभ्यर्थी दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के सुचारु संचालन और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए थे, जिसके तहत 2,744 सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट और लगभग 93,738 अधिकारियों व कार्मिकों की तैनाती की गई थी। परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने के लिए संवेदनशील जनपदों के केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए थे।
अत्याधुनिक तकनीक से हुई कड़ी निगरानी
परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इस बार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित फेशियल रिकॉग्निशन, आधार प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। प्रत्येक उपस्थित अभ्यर्थी का फोटो और आइरिस डाटा कैप्चर किया गया। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों पर स्थापित 31,602 सीसीटीवी कैमरों के जरिए लखनऊ स्थित केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल रूम के साथ-साथ जिला स्तर पर भी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई। ड्यूटी पर तैनात सभी कार्मिकों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई थी।
नकल और गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई
परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ शासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। 1 नवंबर को मैनपुरी जनपद में एक अभ्यर्थी राकेश कुमार के पास ब्लूटूथ डिवाइस मिलने पर उसके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की गई। तीन दिनों के पूरे परीक्षाकाल के दौरान कुल दो अभ्यर्थियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही, एआई मैचिंग के जरिए कुल 67 अभ्यर्थियों को संदिग्ध चिह्नित किया गया है, जिनकी जांच के बाद नियमानुसार सख्त अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए किए गए विशेष इंतजाम
दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों के सुगम आवागमन के लिए सरकार की ओर से अतिरिक्त बसों और ट्रेनों का संचालन किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के साथ-साथ प्रत्येक परीक्षा जनपद में स्वतंत्र हेल्पलाइन डेस्क भी बनाई गई थी, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन, पुलिस, एसटीएफ और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों से यह बड़ी परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
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