
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आदेश पर 17 डॉक्टर बर्खास्त, कई की वेतनवृद्धि रोकी गई
लोकपथ लाइव, लखनऊ: यूपी सरकार ने बिना सूचना के अपनी ड्यूटी से छह महीने से अधिक समय से गैरहाजिर 17 डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया है और कई चिकित्सकों की वेतन वृद्धि रोकने औ कुछ के खिलाफ मरीजों से बदसलूकी करने की जांच के आदेश जारी किये गये हैं।


योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से गायब या गैरहाजिर चल रहे चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने ऐसे 17 डॉक्टरों को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है, जो पिछले छह महीनों से अधिक समय या कुछ वर्षों से ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे चिकित्सकों को कई बार नोटिस भेजे थे, लेकिन न तो वे ड्यूटी पर लौटे और न ही उन्होंने कोई जवाब दिया। वहीं मरीजों के साथ खराब व्यवहार, इलाज में लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ी के मामलों में शामिल कई डॉक्टरों पर कार्रवाई की गाज गिरी है।

बर्खास्त17 चिकित्सकों में ये शामिल
आदेश के अनुसार ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर रहने वाले जिन डॉक्टरों को नौकरी से हटाने का फैसला हुआ है, उनमें कानपुर देहात में बनीपारा पीएचसी के डॉ. महेंद्र सिंह, बरेली सीएमओ कार्यालय में डॉ. विनय कुमार, औरैया जिले में अजीतमल सीएचसी के डॉ. शालिनी और डॉ. प्रभा पाल अछल्दा घसारा पीएचसी के डॉ. अजय राजपूत, गूरा बिधूना पीएचसी के डॉ. आलोक कुमार तथा राजकीय चिकित्सालय औरैया के डॉ. प्रदीप कुमार को नौकरी से बर्खाश्त किया गया है। इसके अलावा वाराणसी सीएमओ कार्यालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना पांडेय, प्रयागराज की सैदाबाद सीएचसी में डॉ. रेखा देवी व रामनगर सीएचसी में डॉ. विजय कुमार गुप्ता, सहारनपुर की कैलाशपुर पीएचसी में डॉ. अमित कुमार, अलीगढ़ की जवां सीएचसी में डॉ. अंदलीव रुवाब शुएब, झांसी की बबीना पीएचसी में डॉ. अजय विक्रम सिंह, बाराबंकी की जैदपुर सीएचसी में डॉ. बेनजीर, सुल्तानपुर की जयसिंहपुर सीएचसी में डॉ. जगराम वर्मा, सुल्तानपुर की अखंडनगर पीएचसी में डॉ. सत्यनाम कुमार भारतीय तथा बरेली की मीरगंज सीएचसी में तैनात डॉ. सुधाकर पांडेय को नौकरी से बर्खाश्त किया गया है।
इनके खिलाफ जांच के आदेश
सरकार के निर्देश पर मरीजों के साथ खराब व्यवहार और लापरवाही के आरोप में चार डॉक्टरों पर विभागीय जांच के आदेश दिये गये हैं। इनमें लखनऊ में रामसागर मिश्र अस्पताल की डॉ. नेहा सिंह, महराजगंज जिला अस्पताल की डॉ. शालिनी वर्मा, मथुरा फरह सीएचसी में डॉ. अंजलि वर्मन तथा मथुरा फरह सीएचसी के अधीक्षक डॉ. राम गोपाल शामिल हैं। वहीं कानपुर मेडिकल कॉलेज से तबादले के बाद जालौन मेडिकल कॉलेज में जॉइन न करने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। इसी प्रकार लखनऊ के जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉ. अजीत सिंह, डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार और डॉ. मोहम्मद तहसीन से इलाज में लापरवाही पर जवाब किया गया गया है। वहीं राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रा सुरेश की प्रतिनियुक्ति रद्द की जाएगी। वे करीब 9 साल से वहां तैनात थीं, लेकिन उनकी नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं हुआ था।
इनकी वेतनवृद्धि रोकने के आदेश
सरकार की स्वास्थ्य विभाग में इस कार्यवाही के तहत जिन डॉक्टरों के वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिये हैं, उनमें सहारनपुर टीबी अस्पताल के डॉ. संजीव कुमार जैन, लखनऊ सिविल हॉस्पिटल के डॉ. ओमप्रकाश, मेरठ हस्तिनापुर सीएचसी के डॉ. सतीश भास्कर, अंबेडकर नगर कटेहरी सीएचसी के डॉ. नायला आफशीन, बदायूं सलरेर सीएचसी के डॉ. राजवीर सिंह, बलिया सिकंदरपुर सीएचसी के डॉ. सतीश कुमार सिंह तथा मऊ सीएमओ कार्यालय के डॉ. भैरव कुमार पांडेय शामिल हैं। इसके अलावा गोरखपुर पिपरौली सीएचसी की डॉ. नीतू कुमारी, फिरोजाबाद जाटऊ सीएचसी के डॉ. अमित जिंदल और बलिया जिला अस्पताल के इमरजेंसी डॉक्टर डॉ. अनुराग सिंह को चेतावनी जारी की गई है।











Total views : 182752