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यूपी: सीएम योगी के विभागों को पारदर्शी कार्यप्रणाली से लक्ष्य हासिल करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति और राजस्व संग्रह की विस्तृत समीक्षा, फरवरी तक 1.96 लाख करोड़ रुपये का कर-राजस्व जुटाया
लोकपथ लाइव, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति और राजस्व संग्रह की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राजस्व में वृद्धि केवल सरकारी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक विकास की नींव है। उन्होंने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार का सहारा लिया जाए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व प्राप्तियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राजस्व में वृद्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और औद्योगिक विकास का आधार है। उन्होंने सभी विभागों को एआई और नवाचार जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हा कि विकास कार्यों की गति राजस्व संग्रह पर निर्भर करती है। विभाग टीम भावना के साथ काम करें ताकि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।

जीएसटी में पकड़ी गई कर चोरी
समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य कर विभाग ने ‘जीएसटी 2.0’ और एआई आधारित जोखिम विश्लेषण के जरिए कर चोरों पर नकेल कसी है। फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण पाकर विभाग ने अब तक 3,117 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली सुनिश्चित की है। मुख्यमंत्री ने इस मॉडल को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

अवैध शराब पर होगी सख्त कार्रवाई
आगामी होली के त्योहार को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को विशेष हिदायत दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली या अवैध शराब का निर्माण और बिक्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी इस मामले में लापरवाही बरतेंगे, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग ने जानकारी दी कि मार्च महीने में 9,050 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए प्रवर्तन टीमंक सक्रिय कर दी गई हैं।

परिवहन और खनन विभाग में नई तकनीक
परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने नई बसों की फिटनेस और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुख्ता कार्ययोजना बनाने को कहा। वहीं, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने बताया कि अब खनन क्षेत्रों की ‘डिजिटल मैपिंग’ और वाहनों की ‘जीपीएस आधारित ट्रैकिंग’ की जा रही है, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगी है। स्टाम्प विभाग को भी रजिस्ट्री कार्यालयों के पूर्ण आधुनिकीकरण और लैंड रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया गया है।

राजस्व की संतांषजनक प्राप्ति
बैठक में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर-राजस्व का वार्षिक लक्ष्य 02 लाख 95 हजार करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 01 लाख 96 हजार 177 करोड़ रुपये की प्राप्ति दर्ज की गई है। राज्य कर (जीएसटी और वैट) का लक्ष्य 01 लाख 75 हजार 725 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 01 लाख 03 हजार 770 करोड़ रुपये का संग्रह प्राप्त हुआ है। इसमें जीएसटी के तहत 75 हजार 195 करोड़ रुपये तथा वैट के अन्तर्गत 28 हजार 575 करोड़ रुपये की प्राप्ति शामिल है। आबकारी विभाग का लक्ष्य 63,000 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 48,501 करोड़ रुपये का संग्रह मिला है।

स्टाम्प एवं पंजीकरण का लक्ष्य 38,150 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 29,487 करोड़ रुपये का संग्रह प्राप्त हुआ है। परिवहन विभाग का लक्ष्य 14,000 करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 11,005 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है।इसके अलावा भूतत्व एवं खनिकर्म का लक्ष्य 6 हजार करोड़ रुपये है, जिसकी तुलना में अभी तक 3,597 करोड़ रुपये का संग्रह हासिल हुआ है।

 

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