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यूपी: सीजेआई सूर्यकांत ने शामली समेत छह जिलों के लिए किया एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास

एकीकृत न्यायालय से जुडे़ होंगे चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस व औरैया जिले
न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्य पूरा होने में देर नहीं लगतीः मुख्यमंत्री
लोकपथ लाइव, चंदौली/लखनऊ: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में चंदौली में छह जिलों (चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस व औरैया) के एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास व भूमि पूजन किया।

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उत्तर प्रदेश में न्याय प्रणाली में तेजी लाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास जारी है। इसी के तहत यूपी सरकार ने एक साथ ऐसे 10 जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसर यानी इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए स्वीकृति दी है, जहां स्वयं के जनपद न्यायालय नहीं थे। उन्हीं में से शनिवार को चंदौली में छह जिलों (चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस व औरैया) के लिए एकीकृत न्यायालय परिसर का शिलान्यास हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास औ भूमि पूजन के लि चंदौली पहुंचे भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति पंकज मिथल, न्यायमूर्ति मनोज मिश्र, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा वरिष्ठ न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी आदि को स्मृति चिह्न प्रदान किया और सभी न्यायमूर्तियों का स्वागत किया।

न्याय का मंदिर साबित होंगे एकीकृत न्यायालय परिसर: मुख्य न्यायाधीश
देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने उत्तर प्रदेश सरकार व उच्च न्यायालय के यूपी में 10 कोर्ट कॉम्प्लेक्स की घोषणा यूपी सारे भारत में उदाहरण प्रस्तुत करेगा और ये कॉम्प्लेक्स देश के लिए बेंचमार्क बनेंगे। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अनेक ऐतिहासिक धार्मिक मंदिरों के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र यूपी में जब एकीकृत न्यायालय परिसरों की स्थापना की जा रही है, जो न्याय का मंदिर साबित होगा। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संविधान में डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसमें एक अनुच्छेद है कि हर राज्य के पास अपना हाईकोर्ट होगा और उस हाईकोर्ट के पास मौलिक, मानवीय व अन्य अधिकारों को लागू करने की क्षमता होगी। संविधान निर्माताओं की सोच यही रही कि डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशयरी स्थापित होगी तो लोगों को अपने क्षेत्र में कोर्ट की सुविधाएं मिलेंगी। मुख्य न्यायाधीश ने हाईकोर्ट से कहा कि जनपद न्यायालयों में प्रैक्टिस करने वाली महिलाओं के लिए अलग से बार रूम बनें। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बन जाए। इससे बुजुर्गों, वादकारियों आदि को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी निजात मिल जाएगी।

लोकतंत्र मे सशक्त न्यायपालिका की जरुरत: योगी
ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है कि न्यायपालिका भी उतनी ही सशक्त हो। आम आदमी को जितनी सहजता-सरलता से न्याय प्राप्त हो, उतना ही अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर होना भी आवश्यक है। यूपी सरकार के पास न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कोई भी कार्य आते हैं तो उसे पूरा होने में देर नहीं लगती। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी की दृष्टि से आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज यहां न्यायपालिका के इतिहास के नए पृष्ठ का सृजन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की पुरानी बातों का जिक्र किया और बताया कि उन्होंने अपनी एक यात्रा के दौरान उल्लेख किया था कि न्याय सहजता के साथ प्रत्येक नागरिक को उपलब्ध हो सके, इसके लिए आवश्यक है कि कुछ ऐसे मॉडल बनने चाहिए, जो इंटीग्रेटेड (एक छत के नीचे) हों। मुख्य न्यायाधीश की प्रेरणा से यूपी के छह जनपदों (चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस व औरैया) में यह सुविधा उपलब्ध हो रही है। अगले कुछ महीने में चार अन्य जनपदों में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में बढ़े कदम
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में आने के बाद ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ व ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तमाम सुधार किए। इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए। पीएम से हमें भी प्रेरणा मिली। प्रयागराज के एक कार्यक्रम में वर्तमान मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि कोर्ट कॉम्प्लेक्स भी इंटीग्रेटेड होना चाहिए, इस पर हम लोगों ने यूपी के अंदर कार्य प्रारंभ किया। पहले चरण में चंदौली समेत छह जनपदों के लिए धनराशि अवमुक्त हो गई है। डिजाइन अप्रूव होने के साथ ही सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। एलएंडटी जैसी विश्व विख्यात संस्थाओं के द्वारा अब निर्माण कार्य होगा। यहां एक ही छत के नीचे कोर्ट कॉम्प्लेक्स, अधिवक्ताओं के लिए अच्छे चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, कैंटीन, पार्किंग, खेल आदि की सुविधाएं रहेंगी। सीएम योगी ने कहा कि हम चाहते हैं कि हर जनपद में ऐसे कोर्ट कॉम्प्लेक्स हों। अभी छह जनपदों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कर रहे हैं।

 

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