सांसदों के निलंबन के विरोध में जंतर-मंतर पर विपक्ष का प्रदर्शन
धरने में खरगे व राहुल गांधी समेत कई नेता शामिल


LP Live, New Delhi: संसद के इतिहास में शीतकालीन सत्र के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर निलंबित हुए 146 सांसदों को लेकर विपक्षी इंडिया गठबंधन सरकार के खिलाफ आक्रमक है। सांसदों के निलंबन के खिलाफ शुक्रवार को विपक्षी दलों ने जंतर-मंतर पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस धरने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राकांपा प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन समेत कई नेता शामिल हुए।
संसद का शीतकालीन सत्र संपन्न हो गया है, जिसमें संसद सुरक्षा में चूक को लेकर विपक्षी दलों ने दोनों सदनों में जिस प्रकार नियमों का उल्लंघन करते हुए हंगामा किया, उसके लिए संसद के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में 146 सांसदों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई को लोकतंत्र का गला घोटने की संज्ञा देकर विपक्षी गठबंधन इंडिया के दल निरंतर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मौके पर लोकतंत्र बचाने का हवाला देकर राहुल गांधी ने इस लड़ाई नफरत और मोहब्बत के बीच संघर्ष करार दिया और पुराना जुमला दोहराते हुए कहा कि हम नफरत के बाजार में हम मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं। राजद सांसद मनोज झा ने कहा निलंबन को लोकतंत्र की हत्या बताया। धरना स्थल पर मंच पर विपक्षी दलों के शरद पवार, मनोज झा, सीताराम येचुरी, राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खरगे, अधीर रंजन चौधरी सहित कई बड़े नेता शामिल हुए. साथ में निलंबित सांसद भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

कब कितने सांसदों का निलंबन
संसद के शीतकालीन सत्र में लोकतंत्र के इतिहास इससे पहले कभी 146 सांसदों को कभी निलंबित नहीं किया गया है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र खतरे में डालने वाला करार दिया है। गौरतलब है कि संसद में लगातार जारी हंगामे पर कड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार को भी लोकसभा के 2 और मंगलवार को लोकसभा के 49 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले सोमवार को भी राज्यसभा के 45 और लोकसभा के 33 सांसदों सहित कुल 78 सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। पिछले सप्ताह लोकसभा के 13 और राज्यसभा के एक सांसद को भी निलंबित किया गया था। दोनों सदनों में अब तक कुल मिलाकर 146 सांसद निलंबित हो चुके हैं।
