
जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों की संख्या में सक्रीय आंतकी, भारतीय सुरक्षा बलों का जारी अभियान
लोकपथ लाइव, जम्मू: भारत के हाथों ऑपरेशन सिंदूर में मात खा चुका पाकिस्तान भारत में अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक तरफ जहां आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका जैसे देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहा है, वहीं पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है यानी अभी भी जम्मू-कश्मीर में सैकड़ों की संख्या में आतंकी सक्रिय हैं। हालांकि भारतीय सुरक्षा बल आंतंकवाद के खिलाफ विशेष भियान चला रहें हैं।


दरअसल पाकिस्तान बाहरी दुनिया को को जो छवि दिखाने का प्रयास कर रहा है उसमें जमीनी हकीकत के विपरीत बड़ा अंतर है। मसलन एक तरफ पाकिस्तान अमेरिका जैसे देशों के साथ आतंक-रोधी ड्रिल कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों से भारत के खिलाफ आतंक फैलाने वाले संगठनों को सक्रीय किया हुआ है,जिहें पाक का समर्थन मिल रहा है। वहीं भारत की सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में अब भी 131 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें 122 पाकिस्तानी आतंकी और 9 स्थानीय आतंकी शामिल बताए जा रहे हैं। रक्षा सूत्रों की माने तो जम्मू क्षेत्र में ही करीब 35 पाकिस्तानी आतंकी सक्रिय हैं और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दक्षिण में भी आतंक को फिर से जिंदा करने की कोशिश हो रही है। इस समय जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों पर दवाब बनाकर उन्हें मारने की रणनीति पर काम हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा, नियंत्रण रेखा के साथ अंदरूनी इलाकों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से नहीं लिया सबक
भारत के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई थी, जिसमें आतंक के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया था। इसके बाद पाकिस्तान भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अमेरिका से रिश्ते सुधारने की कोशिश में पाकिस्तान वॉशिंगटन से फिर से करीबियां बढ़ाने में जुटा हुआ है। पाकिस्तान की हरकतों के कारण भारत की सुरक्षा एजेंसियों का आतंकवाद के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में विशेष सर्च अभियान तेज है। वर्ष 2025 में यहां 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के आतंकी थे। यहां मारे गए आतंकियों में पहलगाम हमले के तीनों मुख्य अपराधी भी शामिल हैं। ये आतंकी जम्मू कश्मीर में शुरू किए गए ऑपरेशन ‘महादेव’ में मारे गए थे।











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