
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिले में बाल वाटिका के शिक्षकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास और अधिक प्रभावी शिक्षण तकनीकों से लैस करने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार से शुरू हुआ। तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन शिक्षकों व आगनबांडियों को बाल वाटिका स्तर पर बच्चों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुरूप गतिविधियां कराने और खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने का माहौल तैयार करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
मंगलवर को बीएसए कार्यालय में शुरू हुई प्रशिक्षण सत्र में डीसी सुशील कुमार ने तीन दिन की रूपरेखा समझाई। इसमें 74 शिक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षक एसआरजी विनीत कुमार, डायट प्रवक्ता एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति माथुर, रजनी बालियान, नीलिमा गुप्ता और डीसी प्रशिक्षण सुशील कुमार ने शिक्षकों को बाल वाटिका में अपनाई जाने वाली आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि इस उम्र में बच्चों की रुचि, रचनात्मकता और बुनियादी कौशल को विकसित करना सबसे महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में सीडीपीओ राहुल कुमार, कल्पना, शिक्षक वैभव चौधरी, वाजिद अली और पूजा हरि भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उपस्थित अधिकारियों व विशेषज्ञों ने कहा कि बाल वाटिका के स्तर पर यदि बच्चों की नींव मजबूत तैयार होती है, तो इससे उनके आगामी पूरे शैक्षिक जीवन को सही दिशा मिलती है और आगे की पढ़ाई उनके लिए बेहद आसान हो जाती है।
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