
पीएम मोदी 15 जनवरी को संविधान सदन में करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
पाकिस्तान व बांग्लादेश को छोड़कर राष्ट्रमंडल के 53 देशों के प्रतिनिधि करेंगे भागीदारी
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: भारत की संसद की मजबानी में राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वां सम्मेलन संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में 14 से 16 जनवरी तक आयोजित होगा। इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के पाकिस्तान और बांग्लादेश को छोड़कर 53 देशों की संसदों के अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी शामिल हो रहे हैं।


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि भारत 16 साल बाद राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में पाकिस्तान ने शामिल होने से इंकार कर दिया है, जबकि बांग्लादेश में फिलहाल कोई निर्वाचित सदन नहीं है। 28वें सीएसपीओसी के अध्यक्ष के रूप में लोकसभा अध्यक्ष 14 जनवरी 2026 को दिल्ली के लाल किला स्थित संगीति कॉन्फ्रेंस हॉल में शाम 7.30 बजे स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक से पूर्व स्थायी समिति के सदस्य और दिल्ली पहुंच चुके लगभग 40 संसद अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों के लिए लाल किला का विशेष भ्रमण कार्यक्रम भी रखा गया है और लाइट एंड साउंड कार्यक्रम की भी व्यवस्था की गई है। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष उनके सम्मान में लाल किला परिसर में रात्रि भोज का आयोजन करेंगे।

समकालीन विषयों पर कार्यशालाएं
सम्मेलन का उद्घाटन समारोह 15 जनवरी को सुबह 10.30 बजे संसद भवन परिसर के ऐतिहासिक संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा। सम्मेलन में संसद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका, सोशल मीडिया का प्रभाव, नागरिक सहभागिता बढ़ाने की रणनीतियां तथा सांसदों और संसदीय अधिकारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण जैसे समकालीन विषयों पर कार्यशालाएं होंगी। 16 जनवरी को सम्मेलन के समापन पर सीएसपीओसी की अध्यक्षता अगले देश को सौंप दी जाएगी। गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले साल 1971, 1986 और 2010 में सीएसपीओसी की मजबानी की है। इसके बाद यह चौथा अवसर है, जब भारत सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। गौरतलब है कि भारत में 28वें सीएसपीओसी की मेजबानी का निर्णय विदेश मंत्रालय के परामर्श से जनवरी 2020 में कनाडा के ओटावा में आयोजित 25वें सम्मेलन के दौरान लिया गया था। उस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
इन मुद्दों पर होगा मंथन
इस सम्मेलन में संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों द्वारा निष्पक्षता और न्यायसंगतता को बनाए रखना, प्रोत्साहित करना और सुदृढ़ करने, संसदीय लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी को बढ़ावा देने और संसदीय संस्थाओं का विकास करने पर प्रमुख रुप से मंथन होगा। संसद में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग: नवाचार, निगरानी और अनुकूलन में संतुलन स्थापित करना, सोशल मीडिया और सांसदों पर इसका प्रभाव, संसद के प्रति जन सामान्य की समझ बढ़ाने और मतदान के बाद भी नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नवीन रणनीतियां तथा संसद सदस्यों और संसदीय कर्मियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण पर चर्चाएं होगी।











Total views : 182746