
लोकपथ लाइव, लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रांगण में पाल, बघेल और धनगर समाज के प्रदेश स्तरीय समिति एवं संवाद सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल ने समाज की एकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संगठित समाज की अनदेखी संभव नहीं है। जब तक समाज टुकड़ों में बंटा रहेगा, तब तक उसके अधिकारों का हनन होता रहेगा। उन्होंने आह्वान किया कि जो समाज एकजुट होकर आवाज उठाता है, उसकी बात सुनी जाती है। बिखराव ताकत को कम करता है, जबकि संगठन अजेय बनाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी शोषित और वंचित वर्ग के साथ मुस्तैदी से खड़ी है।
सम्मेलन के मुख्य संयोजक, प्रदेश महासचिव एवं ऑल इंडिया धनगर महासभा के राष्ट्रीय सचिव शेखर पाल ने ‘एक समाज, एक आवाज’ का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि संख्या बल से अधिक महत्वपूर्ण समाज की आंतरिक एकजुटता है। सम्मेलन में 55 जिलों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी समाज में आई नई चेतना का प्रमाण है। इस दौरान तीन प्रमुख संकल्पों पर सहमति बनी—संगठन को ही असली शक्ति मानते हुए केवल चुनाव तक सीमित न रहकर शिक्षा व रोजगार के लिए मुखर रहना, राहुल गांधी के संघर्षों को पूरा समर्थन देना और व्यक्तिगत मतभेदों व गुटबाजी से ऊपर उठकर समाजहित को सर्वोपरि रखना।
इस राज्यस्तरीय महामंथन में प्रदेश भर से दिग्गजों ने शिरकत की। कानपुर मंडल से श्रीमती प्रतिभा अटल पाल व जे.पी. पाल, लखनऊ क्षेत्र से संदीप पाल व जे.के. पाल, तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से फिरोजाबाद के प्रेमवीर बघेल, आगरा के रघुराज पाल, मुजफ्फरनगर के दिनेश पाल, मैनपुरी के प्रदीप पाल, शामली के जबर सिंह पाल और सहारनपुर के गोविंद पाल मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा हरदोई के सुभाष पाल, जौनपुर के प्रेम नारायण पाल, चित्रकूट के मोहित पाल, वाराणसी के संदीप पाल ‘छोटू’, मिर्जापुर के द्वारिका पाल, नजीबाबाद के धर्मवीर, बिजनौर के हुकुम सिंह पाल और भदोही के रामरती पाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मेलन का समापन “बिखराव से कमजोरी, एकता से शक्ति और संगठन से सम्मान” के संकल्प के साथ अत्यंत गरिमामय माहौल में हुआ।
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