
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक केवल 39 मरीजों की पुष्टि हुई है, जबकि शहर के भीतर डेंगू और वायरल फीवर के कारण हालात बेहद विकट बने हुए हैं। शहर में डेंगू के कारण एडिड स्कूल की प्रधानाचार्य की स्थिति गंभीर है, जिस कारण वह आईसीयू में पहुंच गई है।
डेंगू के मच्छर लगातार बढ़ते जा रहे हे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपनी फाइलों में केवल 39 मरीजों की ही पुष्टि कर रहा है। उधर, नगरपालिका और नगर पंचायतों में भी लापरवाही बरती जा रही है, जिस कारण बीमारियों भी बढ़ रही है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुजफ्फरनगर के जैन कन्या इंटर कॉलेज नई मंडी की प्रधानाचार्या किरन देवी डेंगू की चपेट में आकर गंभीर रूप से बीमार हो गई हैं। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उनके पति ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट साझा कर मामले की जानकारी दी। वर्तमान में प्रधानाचार्या किरन देवी की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उनका बरेली के एक अस्पताल के आईसीयू में उपचार चल रहा है। उनके पति सुदर्शन लाल ने बताया कि हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से शिक्षा जगत और आम नागरिकों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। सीएमओ डा. सुनील कुमार तेवतिया ने बताया कि 39 मरीज डेंगू के मिले है। जिला अस्पतला में डेंग के उपचार के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है।
निजी अस्पतालों से आंकड़े जुटाने में नाकाम स्वास्थ्य विभाग
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग सरकारी आंकड़ों में केवल 39 मरीजों के मिलने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। सूत्रों और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक शहर के निजी अस्पतालों में प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक डेंगू के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों से सही और वास्तविक आंकड़े न जुटाए जाना विभागीय कार्यप्रणाली और उदासीनता पर बड़े सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक बेकाबू हो सकती है।


जिला अस्तपाल की ओपीडी में पहुंच रहे बुखार के मरीज
मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल में भी बुखार के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे है। जिला अस्पतला के सीएमएस डा. भुजवीर सिंह ने बताया कि प्रतिदिन नए मरीजों की संख्या 700 से अधिक है। इसमें 40 प्रतिशत मरीज बुखार से पीड़ित है, जिन्हें लंबा बुखार होने पर डेंगू की संभावनाएं भी है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि बुखार के मरीजों की डेंगू जांच भी कराई जा रही है।












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