
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण और हवा की गिरती गुणवत्ता को देखते हुए ग्रेप-1 के तहत सख्ती शुरू कर दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नियमों का पालन नहीं करने पर बिल्डरों समेत 17 निर्माण साइटों को चेतावनी नोटिस जारी किए हैं। इन साइटों पर निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण के उपायों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनसीआर में ग्रेप-1 की पाबंदियां लागू होने के बाद मुजफ्फरनगर में भी निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ा दी गई है। नगर निकाय, एमडीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि समेत संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर निगरानी और कार्रवाई की रणनीति बनाई गई है।
एमडीए से 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली बड़ी निर्माण साइटों की सूची मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 17 साइटों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित निर्माणकर्ताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
निर्माण साइटों पर इन नियमों का पालन अनिवार्य
नोटिस में निर्माणकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण साइटों को संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराएं, ताकि धूल नियंत्रण की रिमोट मॉनिटरिंग की जा सके। निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने, नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने और निर्माण सामग्री को ढककर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निर्माण सामग्री और मलबे का परिवहन ढके हुए वाहनों से करने तथा धूल को आसपास फैलने से रोकने के उपाय अपनाने को कहा गया है।
निर्माण साइटों पर पीटीजेड (पैन-टिल्ट-जूम) कैमरे और सेंसर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि प्रदूषण फैलने की स्थिति में संबंधित साइट की निगरानी की जा सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्र के अनुसार, ग्रेप-1 को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक की गई है। एमडीए से प्राप्त सूची के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी निर्माण साइटों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। टीम क्षेत्र में निगरानी के लिए भ्रमण भी कर रही है।
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