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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर शिकंजा, कल से वाहनों पर नियम लागू

लोकपथ लाइव, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में आगामी सर्दियों के मौसम में वायु गुणवत्ता को बिगड़ने से रोकने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कमर कस ली है। सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में सुरक्षा एवं प्रवर्तन संबंधी उप-समिति की 26वीं उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एनसीआर राज्यों, दिल्ली सरकार और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा पराली जलाने, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन तथा औद्योगिक प्रदूषण की रोकथाम के लिए की जा रही तैयारियों का बिंदुवार जायजा लिया गया।
बैठक में पराली दहन (स्टबल बर्निंग) की घटनाओं को शून्य के स्तर पर लाने के लिए पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार की कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। आयोग ने फसल विविधीकरण, धान की सीधी बुवाई (DSR) और फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहे उस ऐतिहासिक नियम की समीक्षा की गई, जिसके तहत एनसीआर के ईंधन/सीएनजी स्टेशनों पर वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) न होने पर वाहनों में ईंधन नहीं भरा जाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) प्रणाली स्थापित की जा रही है।
आयोग ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में बीएस-IV और उससे नीचे के मालवाहक व वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध और स्वच्छ ईंधन वाली बसों के संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उच्चतम न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए, 15-16 साल पुराने वाहनों को जब्त करने और स्क्रैप करने की कार्रवाई में तेजी लाने तथा दिसंबर 2026 तक एनसीआर के जिलों से सभी डीजल ऑटो-रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रगति जांची गई। साथ ही, यातायात जाम वाले प्रमुख चौराहों पर एएनपीआर आधारित ऑटोमैटिक चालान और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने के निर्देश दिए गए।
औद्योगिक और निर्माण क्षेत्र में सख्त रुख अपनाते हुए उप-समिति ने स्टोन क्रशर इकाइयों, औद्योगिक चिमनियों के उत्सर्जन मानकों और निर्माण/विध्वंस स्थलों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए अतिरिक्त मैकेनिकली स्वीपिंग मशीनों (MRSM) की तैनाती के निर्देश दिए। सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को हिदायत दी कि वे आयोग के वैधानिक निर्देशों का सख्त, समन्वित और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करें ताकि आने वाली सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर की हवा को जहरीला होने से बचाया जा सके।

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