
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: पेराई सत्र 2026-27 के दृष्टिगत जिले में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। बुधवार को जिला पंचायत सभागार में एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में जनपद के कोल्हू एवं खांडसारी इकाई संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान संचालकों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), राज्य बोर्ड और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीएम प्रशासन देश दीपक सिंह ने साफ कहा कि मुजफ्फरनगर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आता है, इसलिए यहां वायु गुणवत्ता को लेकर विशेष सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कोल्हू और खांडसारी इकाइयों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए भू-तल से कम से कम 10 मीटर ऊंची चिमनी स्थापित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पेराई सत्र के दौरान केवल अनुमन्य ईंधन जैसे खोई (बैगास), बायोमास, बायो-ब्रिकेट, सूखा कृषि अपशिष्ट, गेहूं व धान का भूसा तथा गन्ने की सूखी पत्ती का ही उपयोग किया जा सकेगा। किसी भी स्थिति में प्लास्टिक, टायर, रबर या जहरीले अपशिष्ट का दहन पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने कोल्हू संचालकों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए विस्तार से जानकार दी। उन्होंने सभी कोल्हू संचालकों को सीएक्यूएम के नियमों को बताकर उन्हें सचेत किया। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने यह भी बताया कि सीपीसीबी की गाइडलाइंस के अनुसार सभी कोल्हू व खांडसारी इकाइयों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके लिए संचालक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जहां से 5 वर्षों के लिए स्वीकृति जारी की जाएगी। अधिकारियों ने जोर दिया कि प्रतिबंधित ईंधन का दहन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आसपास के ग्रामीणों व श्रमिकों के स्वास्थ्य पर भी जानलेवा प्रभाव डालता है।
समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गीतेश चंद्रा, जिला खांडसारी अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, सहायक पर्यावरण अभियंता सहित बड़ी संख्या में कोल्हू-खांडसारी संचालक उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर एडीएम प्रशासन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह संचालकों का नैतिक और नागरिक कर्तव्य भी है। उन्होंने सभी संचालकों से आगामी पेराई सत्र में स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल संचालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
Post Views: 27













Total views : 426556