
लोकपथ लाइव, लखनऊ/ मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प के तहत रविवार को ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत प्रदेशव्यापी मूलभूत साक्षरता परीक्षा का भव्य आयोजन किया गया। राज्य के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। मुजफ्फरनगर जिले में इस परीक्षा में जिला जेल के 22 बंदियों ने भाग लिया तथा कुल 950 ने परीक्षा दी।
इस साक्षरता अभियान का दायरा केवल परिषदीय विद्यालयों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए। इसके माध्यम से विभिन्न सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले बंदियों और किशोरों को भी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान की मुख्यधारा से जोड़ा गया। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के बुनियादी पढ़ने-लिखने की क्षमता के साथ-साथ उनके प्रारंभिक गणितीय ज्ञान का भी मूल्यांकन किया गया।
केंद्रीय और राज्य स्तरीय टीमों ने किया निरीक्षण
परीक्षा को पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण किया गया। भारत सरकार की विशेष टीम ने जनपद चंदौली और जौनपुर के परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।इसके साथ ही, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण लखनऊ की ओर से उच्च अधिकारियों ने विभिन्न जिलों का दौरा किया। शिक्षा निदेशक (बेसिक/साक्षरता) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने लखनऊ, उप निदेशक (साक्षरता) नीलम ने प्रतापगढ़ तथा सहायक निदेशक (साक्षरता) प्रतिमा मिश्रा ने सोनभद्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस परीक्षा का मूल उद्देश्य समाज के उन सभी असाक्षर लोगों को व्यावहारिक ज्ञान, संख्यात्मक बोध और आवश्यक जीवन-कौशल से जोड़ना है, जो किन्हीं कारणों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके थे। परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थियों का ब्योरा उल्लास पोर्टल पर दर्ज कर उन्हें साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
वहीं, मुजफ्फरनगर बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर जिला जेल में 22 बंदिया सहित जिले में 950 ने परीक्षा दी। परीक्षा शांतिपूर्ण सफल हुई।
Post Views: 56













Total views : 418687