
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: जिले के शाहपुर कस्बे में घटित चर्चित एवं संवेदनशील तेजवीर सैनी हत्याकांड में अदालत का अंतिम फैसला आ गया है। सगे भाई के खून से हाथ रंगने वाले दोषी सुखपाल को अदालत ने ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर ₹1,000,000 (एक लाख रुपये) का भारी-भरकम अर्थदंड भी लगाया गया है।
गन्ने की ट्रॉली निकालने का विवाद बना खूनी संघर्ष
यह सनसनीखेज वारदात 22 अप्रैल 2023 की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना वाले दिन सुखपाल और उसके कुछ साथी खेत से गन्ने की ट्रॉली निकालकर ले जा रहे थे। इस रास्ते से ट्रॉली ले जाने को लेकर तेजवीर सैनी ने आपत्ति जताई और विरोध किया। मामूली बात पर शुरू हुई यह बहस देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सुखपाल और उसके साथियों ने तेजवीर के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद आक्रोश में आकर सुखपाल ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने सगे भाई तेजवीर के ऊपर ही ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ा दी।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा था दम, बेटे ने दर्ज कराई थी एफआईआर
ट्रैक्टर के पहियों तले कुचले जाने के कारण तेजवीर सैनी गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही तड़पने लगे। मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए निकटतम अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।घटना के बाद मृतक के बेटे सोनू सैनी ने शाहपुर थाने पहुंचकर चाचा सुखपाल और अन्य के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर साक्ष्य जुटाए और चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
12 अगस्त को ठहराया गया था दोषी
राम जैसे भाई’ का कोर्ट में जिक्रमामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 में नियमित रूप से चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीद गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। पूरी सुनवाई प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अदालत ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर 12 अगस्त को सुखपाल को हत्या का दोषी करार दिया था।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मंगलवार को सजा के प्रश्न पर बहस सुनते हुए पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने अपने फैसले में एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि भारतीय समाज में भाई-भाई के रिश्ते की मिसाल दी जाती है, ऐसे में राम जैसे भाई की हत्या कर देना एक अति-जघन्य और अक्षम्य अपराध है।अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी सुखपाल को ताउम्र जेल में रहने और 1 लाख रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश सुनाया। फैसले के बाद पुलिस अभिरक्षा में दोषी को जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले से जुड़ी आगे की विधिक प्रक्रियाओं पर कानूनी कार्रवाई जारी है।
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