
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद। टीला मोड़ थाना पुलिस ने नवजात शिशुओं का अपहरण कर निसंतान दंपतियों को बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं समेत सात शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने नौ अगस्त को अपहृत किए गए तीन माह के मासूम बच्चे को फर्रूखनगर से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, करन गेट निवासी फरहान ने 11 अगस्त को टीला मोड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नौ अगस्त को उनके तीन माह के बेटे का नौशाद और उसकी पत्नी रुखसार ने अपहरण कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस, मैनुअल इनपुट और सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए हिंडन नदी चौकी क्षेत्र के फर्रुखनगर से सात आरोपियों में ऐनुल, नौशाद, नागेंद्र उर्फ सुक्खा, नसीम, आबिद, सुमित्रा और रुखसार को धर दबोचा।
वॉट्सएप पर तय होता था मासूमों का सौदा: पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गिरोह की महिलाएं सबसे पहले ऐसे परिवारों की रेकी करती थीं जहाँ नवजात या छोटे बच्चे हों। मौका मिलते ही बच्चे को चुरा लिया जाता था और उसकी तस्वीर वॉट्सएप पर गिरोह के अन्य सदस्यों को भेजी जाती थी। इसके बाद निसंतान दंपतियों से संपर्क कर बच्चे का सौदा तय किया जाता था और रकम आपस में बांट ली जाती थी।
शामली के कांधला ले जाने से पहले पकड़े गए आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि अपहृत बच्चे को शामली के कांधला निवासी एक महिला को बेचने की तैयारी थी। बच्चे को वहां ले जाया जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह को पकड़ लिया और बच्चे को सुरक्षित छुड़ा लिया। गिरोह पहचान छिपाने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था, ताकि पुलिस उनकी गतिविधियों तक आसानी से न पहुंच सके।
खरीदारों और फरारों की तलाश में जुटी पुलिस
DCP धवल जायसवाल ने बताया कि नौशाद ने करीब दो साल पहले अपना बच्चा भी बेच दिया था। पुलिस उसकी भी जानकारी जुटा रही है।साथ ही जिन लोगों ने बच्चे खरीदे हैं उनकी भी तलाश पुलिस कर रही है, आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल भी बरामद हुए हैं, अब गिरोह की फरार सदस्य सितारा और मोहसिना की तलाश कर रही है।
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