
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर, 14 जुलाई (मंगलवार)। स्थानीय द० एस० डी० पब्लिक स्कूल में आज शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा बारहवीं के सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का शानदार आयोजन किया गया। इस गौरवमयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) हरिकेश यादव जी का स्वागत विद्यालय की संरक्षिका सपना कुमार व आकांक्षा कुमार, निर्देशिका चंचल सक्सेना एवं प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम माहना ने पौधा भेंट कर किया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम माहना ने सभी अभिभावकों व अतिथियों का स्वागत करते हुए बच्चों की ऐतिहासिक सफलता पर हर्ष जताया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम, कड़ा अनुशासन और मजबूत संकल्प ही जीवन में सफलता का मूलमंत्र हैं।
टॉपर्स पर हुई पुरस्कारों की बौछार: समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यालय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ मेधावियों को मुख्य अतिथि द्वारा नकद पुरस्कार, पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया:
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प्रथम स्थान: अंश मित्तल (97.7%) — ₹5,100 की प्रोत्साहन राशि
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द्वितीय स्थान: नैतिक वर्मा (95%) — ₹3,100 की प्रोत्साहन राशि
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तृतीय स्थान: देवार्जुन सिंह (94.8%) — ₹2,100 की प्रोत्साहन राशि
इसके साथ ही विभिन्न विषयों में 100 में से 100 अंक लाकर विद्यालय का नाम रोशन करने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें चित्रकला में अक्षांश मित्तल, कनक चौधरी, तमन्ना अहमद, हिमांशी व अक्षिता राठी; अंग्रेजी में अंश मित्तल व भव्य राजवंशी और अकाउंट्स में नैतिक वर्मा ने शत-प्रतिशत (100) अंक हासिल किए। इसके अलावा इतिहास, रसायन विज्ञान, गणित, शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे विषयों में 90% से अधिक अंक पाने वाले सभी मेधावियों को प्रशस्ति पत्र सौंपे गए।
संस्कार और ज्ञानार्जन ही सच्ची पूंजी: पुरस्कार वितरण के बाद स्कूल की निर्देशिका चंचल सक्सेना ने विद्यार्थियों को सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। संरक्षिका सपना कुमार ने ज्ञान की देवी से जुड़ी एक प्रेरक कहानी सुनाते हुए कहा, “विद्या रूपी धन ऐसा अमूल्य खजाना है जिसे न कोई चुरा सकता है और न ही कोई छीन सकता है।”
मुख्य अतिथि डीआईओएस हरिकेश यादव ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को आधुनिकता के साथ-साथ अपनी संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से जुड़े रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एक सफल करियर के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदार और एक अच्छा इंसान बनना ही जीवन का असली उद्देश्य होना चाहिए।
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