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कैराना तहसील में ₹6,000 की रिश्वत लेता राजस्व निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन की पैमाइश के नाम पर किसान से मांगे थे रुपये

कैराना तहसील में ₹6,000 की रिश्वत लेता राजस्व निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन की पैमाइश के नाम पर किसान से मांगे थे रुपये
सहारनपुर एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल, आदर्श मंडी शामली थाने में मुकदमा दर्ज
कैराना (शामली)। सूबे में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति के तहत बुधवार को शामली जिले की कैराना तहसील में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) सहारनपुर की टीम ने एक पीड़ित किसान की शिकायत पर जाल बिछाकर राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) धर्मवीर सिंह को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तहसील परिसर में हुई इस अचानक कार्रवाई से वहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के बीच अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आदर्श मंडी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, झिंझाना थाना क्षेत्र के ग्राम वेदखेड़ी निवासी पीड़ित किसान श्रीनिवास ने एंटी करप्शन ब्यूरो को लिखित शिकायत दी थी। किसान का आरोप था कि उसकी कृषि भूमि के ठीक बराबर में वन विभाग की जमीन है। कुछ समय पूर्व वन विभाग ने उसकी भूमि को सरकारी बताते हुए उस पर अपनी डोलबंदी कर दी थी।

गरीब किसान की १० बीघा जमीन, पर नहीं पसीजा दिल
पीड़ित किसान श्रीनिवास अपनी ही जमीन को वन विभाग के कब्जे से मुक्त कराने और उसकी वास्तविक पैमाइश कराने के लिए राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह (निवासी रामपुरी, मुजफ्फरनगर) के दफ्तर के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने इस काम के एवज में दस हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने खुद को गरीब बताते हुए हवाला दिया कि उसके पास मात्र 10 बीघा जमीन है और वह इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ है, लेकिन आरोपी इंस्पेक्टर टस से मस नहीं हुआ। काफी मिन्नतें करने के बाद मामला छह हजार रुपये में तय हुआ।

नौ महीने से काट रहा था चक्कर, तंग आकर जाल में फंसाया
पीड़ित किसान श्रीनिवास का कहना है कि मेरी जमीन पर वन विभाग ने डोलबंदी कर दी थी, जिसके कारण मैं पिछले नौ महीने से अधिकारियों की चौखट पर सिर पटक रहा था। डोलबंदी का वाद कोर्ट में चल रहा था और उसकी मुख्य फाइल भी राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह के पास ही दबी हुई थी। वह बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) लिए पैमाइश के लिए मौके पर जाने को तैयार नहीं था। आखिरकार इस मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर मैंने तीन जुलाई को एंटी करप्शन टीम को इसकी गुप्त शिकायत दी।

गाड़ी वाला चौराहा छोड़ तहसील में बुलाई थी रकम
योजना के मुताबिक, बुधवार को एंटी करप्शन की टीम ने कैराना में अपना जाल बिछाया। राजस्व निरीक्षक ने पहले किसान श्रीनिवास को रिश्वत की रकम देने के लिए झिंझाना स्थित गाड़ी वाला चौराहा पर स्थित अपने निजी कार्यालय में बुलाया था, लेकिन जब वह वहां नहीं मिला तो उसने फोन कर किसान को कैराना तहसील परिसर में बुला लिया। जैसे ही किसान ने तहसील के भीतर आरोपी राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह को 500-500 रुपये के 12 नोट (कुल छह हजार रुपये) थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। कैमिकल टेस्ट में आरोपी के हाथ धुलवाते ही पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि मौके पर ही हो गई। टीम आरोपी को हिरासत में लेकर तुरंत थाने रवाना हो गई।

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