
कंज्यूमर वॉयस के नेतृत्व की घोषणा, इंस्टेंट नूडल्स और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर की गुणवत्ता जांच
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: भारत में उपभोक्ताओं के अधिकारों और हितों की रक्षा करने वाली अग्रणी स्वैच्छिक संस्था ‘कंज्यूमर वॉयस’ ने बाजार में अपनी जवाबदेही और उपभोक्ता सशक्तिकरण को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अपने सफर के 44वें वर्ष में प्रवेश करते हुए संस्था ने अपनी ऐतिहासिक ‘कम्पैरेटिव प्रोडक्ट टेस्टिंग’ पहल को फिर से शुरू और पुनर्जीवित करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक मूल्यांकन और विश्लेषण के जरिए स्वतंत्र उपभोक्ता अनुसंधान को बढ़ावा देना और आम जनता को सही उत्पाद चुनने में मदद करना है।


इंस्टेंट नूडल्स और पैकेज्ड पानी की शुद्धता से होगी शुरुआत
संस्था ने बताया कि इस नवीनीकृत पहल के पहले चरण के तहत बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले और जनहित से जुड़े दो प्रमुख उत्पादों इंस्टेंट नूडल्स और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (बोतलबंद पानी) की जांच की जा रही है। लैबोरेट्री टेस्टिंग के जरिए इन उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों, स्वाद और उनकी कीमत की उपयोगिता का आकलन किया जा रहा है। कंज्यूमर वॉयस का मानना है कि इस वैज्ञानिक जांच से सामने आने वाले आंकड़े उपभोक्ताओं को जागरूक करेंगे और कंपनियों को भी अपनी गुणवत्ता में पारदर्शिता लाने के लिए मजबूर करेंगे। वहीं, नवनियुक्त मैनेजिंग ट्रस्टी असीम सन्याल ने कहा कि हमारा मिशन हमेशा शिक्षा, विश्वसनीय अनुसंधान और वकालत के माध्यम से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना रहा है। सीपीटी की बहाली और हमारी डिजिटल पत्रिका की लॉन्चिंग इस प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगी।

नेतृत्व में बड़ा बदलाव: प्रो. श्रीराम खन्ना बने चेयरमैन
इस महत्वपूर्ण संस्थागत मील के पत्थर के साथ, कंज्यूमर वॉयस ने अपनी दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए नए नेतृत्व की घोषणा की है। प्रो. श्री राम खन्ना को चेयरमैन पद पर पदोन्नत किया गया है। वह वर्ष 1986 में स्वर्गीय जस्टिस वी.एम. तारकुंडे और स्वर्गीय प्रो. पी.के. घोष द्वारा स्थापित इस संस्थान के मिशन को आगे बढ़ाएंगे। जबकि असीम सन्याल (मैनेजिंग ट्रस्टी और सचिव) होंगे, जिन्हें भारत के उपभोक्ता आंदोलन में उनके विशिष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें मैनेजिंग ट्रस्टी और सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं तीन दशकों से अधिक का अंतरराष्ट्रीय और कॉरपोरेट अनुभव रखने वाले अभिजीत बोस (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) को नया सीओओ नियुक्त किया गया है, जो संस्था के आधुनिकीकरण और विस्तार को संभालेंगे।
क्या है कम्पैरेटिव प्रोडक्ट टेस्टिंग
ऐतिहासिक मील के पत्थर: पुरानी यादों को साझा करते हुए चेयरमैन प्रो. खन्ना ने कहा कि सीपीटी का पुनरुद्धार सिर्फ एक कार्यक्रम की शुरुआत नहीं, बल्कि हमारे मिशन का मुख्य स्तंभ है। उन्होंने भारतीय उपभोक्ता इतिहास के दो बड़े मोड़ों का जिक्र किया- पहला, जब सरकार द्वारा ‘साथी नायर समिति’ की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद कंज्यूमर वॉयस को इस टेस्टिंग की मंजूरी मिली थी और दूसरा, जब ‘ISO गाइड 46’ को अपनाकर तुलनात्मक परीक्षण के अंतरराष्ट्रीय मानकों को भारत में स्थापित किया गया था।
कंज्यूमर वॉयस: एक नजर में
स्थापना और मुख्यालय: नई दिल्ली स्थित इस संस्था (VOICE – Voluntary Organisation in Interest of Consumer Education) की नींव 1983 में पड़ी थी।
‘जागो ग्राहक जागो’ में भूमिका: यह संगठन उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के ‘जागो ग्राहक जागो’ कार्यक्रम के साथ-साथ कई मंत्रालयों, नियामक निकायों, मानक संगठनों और संसद की स्थायी समितियों के साथ मिलकर काम करता है।
अंतिम लक्ष्य: देश के कोने-कोने में रहने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा अदालतों, नीति निर्माताओं और नियामक संस्थाओं के समक्ष उठाना और उनकी शैक्षणिक कार्यशालाओं व वेबसाइट के जरिए आम जनता को धोखाधड़ी से बचाना है। सीपीटी के तहत किए गए सभी टेस्ट के परिणाम जल्द ही संस्था द्वारा सार्वजनिक किए जाएंगे।











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