
जेवर बनेगा भारत का ‘सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब’, सीएम योगी ने किया ₹8200 करोड़ के मेगा प्लांट का शिलान्यास
यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का महालक्ष्य
लोकपथ लाइव, गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी ‘ग्रीन इकोनॉमी’ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर क्षेत्र में ₹8,200 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से स्थापित होने वाले ‘एसएईएल’ के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भव्य शिलान्यास किया। इस अवसर पर एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने एलान किया कि रिन्यूएबल और ग्रीन एनर्जी आज की वैश्विक आवश्यकता है, और जेवर क्षेत्र बहुत जल्द पूरे भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभरेगा, जिससे सौर ऊर्जा के क्षेत्र में चीन जैसे देशों पर भारत की निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।


पीएम सूर्य घर योजना से चमका यूपीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने दुनिया में एक नई और सशक्त पहचान बनाई है। आज भारत विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। सीएम ने कहा कि प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए जो आक्रामक रणनीति अपनाई गई, उसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में 6 लाख से अधिक परिवार ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ उठा रहे हैं। इन परिवारों के बिजली बिलों में 50 से 60 प्रतिशत तक की भारी कमी आई है और वर्तमान में यूपी सोलर पैनलों के जरिए 2,000 मेगावाट से अधिक बिजली पैदा कर रहा है। हमारा लक्ष्य अगले दो-तीन वर्षों के भीतर उत्तर प्रदेश में 20,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट क्षमता हासिल कर चुके हैं। विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में जेवर का यह प्लांट मील का पत्थर साबित होगा।

अकेले यूपी में देश का 55 फीसदी एथेनॉल
मुख्यमंत्री ने ग्रीन एनर्जी के अन्य स्रोतों का जिक्र करते हुए कहा कि सोलर के साथ-साथ पराली भी ऊर्जा का बड़ा माध्यम है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने की अपील करते हुए कहा कि इसे सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट तक पहुंचाएं, जिससे सीएनजी और इथेनॉल बनेगा और किसानों को अतिरिक्त आय होगी। सीएम ने गर्व से कहा कि देश का लगभग 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है, जिसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बनाया है। पिछले 9 वर्षों में किसानों को ₹3.22 लाख करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। राज्य में अगले एक साल में 100 नए सीबीजी प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य है।
भारत की एक्सपोर्ट क्षमता बढ़ाएगा जेवर का यह प्लांट
जेवर में स्थापित हो रहा एसएईएल का यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा। इससे 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण की क्षमता विकसित होगी। सीएम योगी ने कहा कि जिन तकनीकों और उपकरणों के लिए हमें अब तक विदेशों का रुख करना पड़ता था, वे अब इसी जेवर की धरती पर तैयार होंगे। इससे न केवल भारत की निर्यात (एक्सपोर्ट) क्षमता बढ़ेगी, बल्कि हमारे इंजीनियर्स, टेक्नीशियन्स और युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि वे जेवर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की एक और बड़ी यूनिट (अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट) का शिलान्यास करके आए हैं। जेवर में फिल्म सिटी, अपैरल सिटी, टॉय पार्क और देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब भी आकार ले रहा है।
20 हजार युवाओं को रोजगार
एसएईएल कंपनी के मुताबिक, इस मेगा प्रोजेक्ट से क्षेत्र में 20 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। निर्माण कार्य पूरा होने पर यहाँ उच्च दक्षता वाले ‘टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स’ का निर्माण किया जाएगा। कंपनी के सह-संस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में ₹8,200 करोड़ का प्रारंभिक निवेश किया जा रहा है, जिसे कंपनी वर्ष 2029-30 तक बढ़ाकर ₹20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी, जो उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। इस ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह के दौरान वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के लोकप्रिय विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के फाउंडर जसवीर सिंह, सीईओ लक्षित आवला सहित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) और शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।











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