
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर/खतौली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (MDA) ने अवैध निर्माण और बिना नक्शा स्वीकृति के धड़ल्ले से चल रहे बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ अपने तेवर बेहद कड़े कर लिए हैं। प्राधिकरण की टीम ने एक बड़े अभियान के तहत जनपद के कई नामचीन होटलों, बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स और कोचिंग सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए उन्हें पूरी तरह सील कर दिया। एमडीए की इस औचक और बड़ी कार्रवाई से नियमों को ताक पर रखकर चांदी काट रहे भू-माफियाओं, रसूखदार होटल स्वामियों और शिक्षा माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
प्राधिकरण के सचिव कुंवर बहादुर सिंह के निर्देशन में कार्रवाई की शुरुआत जोन तीन से की गई, जहां मानकों की घोर अनदेखी कर बनाई गई लता मित्तल की चार मंजिला अवैध व्यावसायिक इमारत (कॉम्प्लेक्स) को टीम ने मौके पर ही सील कर दिया। इसके बाद टीम ने ग्राम रामपुर का रुख किया, जहां बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और एनओसी के अवैध रूप से संचालित किए जा रहे एक बड़े ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन को सील कर उसके संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी।
कार्रवाई का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, जोन चार की टीम ने नेशनल हाईवे पर बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के अवैध रूप से खड़े किए गए आलीशान ‘हाई-वे किंग’ होटल और उसके पास ही स्थित ‘शिव ढाबा’ को अवैध निर्माण श्रेणी में पाते हुए मुख्य द्वारों पर सरकारी ताला जड़ दिया। दूसरी तरफ, खतौली क्षेत्र में छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर बिना मानकों के बेसमेंट और संकरी गलियों में चल रहे चार बड़े शिक्षण संस्थानों पर भी एमडीए का डंडा चला। इनमें अरुण क्लासेस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजकुमार लाइब्रेरी, गुरुसिंह कंप्यूटर कोचिंग सेंटर और आदर्श कुमार का हावर्ड इंटरनेशनल कोचिंग सेंटर शामिल हैं, जिन्हें पूरी तरह सील कर दिया गया। एमडीए सचिव ने साफ चेतावनी दी है कि जनपद में बिना नक्शा पास कराए या मानकों के विपरीत किया गया कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं होगा और ऐसे अवैध ठिकानों को ढहाने व सील करने का अभियान आगे और तेज किया जाएगा।
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