
लोकपथ लाइव, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के वीआईपी सेक्टर्स में शुमार ‘सेक्टर बीटा-1’ इन दिनों आवारा और आक्रामक कुत्तों के आतंक से दहल उठा है। सेक्टर की गलियों और पार्कों में घूमने वाले कटखने कुत्तों ने पिछले एक सप्ताह के भीतर ही तीन से चार बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को अपना शिकार बनाकर बुरी तरह घायल कर दिया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोग अब घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।
प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारी फोन पर ले रहे ‘अपडेट’, जमीन पर कार्रवाई शून्य
सेक्टरवासियों की सुरक्षा को लेकर आरडब्ल्यूए (RWA) बीटा-1 के महासचिव हरेंद्र भाटी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश गौतम और सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी को लगातार फोन करके क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया है। हरेंद्र भाटी ने बताया कि सेक्टर में आवारा कुत्तों और लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन बच्चे और महिलाएं अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण की तरफ से इन्हें पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आरडब्ल्यूए महासचिव हरेंद्र भाटी कहते हैं कि सेक्टर बीटा-1 की गलियों में आवारा कुत्ते सीधे लोगों पर हमला कर रहे हैं। डॉग बाइट के मामलों से क्षेत्र में रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। प्राधिकरण के अधिकारियों को एयरकंडीशंड दफ्तरों से निकलकर प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का निदान करना चाहिए और सेक्टर वासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।”


बच्चों का पार्क में खेलना हुआ दूभर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुत्तों के आतंक के कारण बच्चों का शाम को पार्कों में खेलना और बुजुर्गों का मॉर्निंग वॉक पर जाना पूरी तरह बंद हो गया है। कई बार कुत्ते दुपहिया वाहन चालकों के पीछे भी दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। सेक्टरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राधिकरण ने जल्द ही आवारा पशुओं और कुत्तों को पकड़ने के लिए गाड़ी नहीं भेजी, तो वे प्राधिकरण दफ्तर का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे।
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