
लोकपथ लाइव, मेरठ। विद्युत वितरण निगम मेरठ के प्रबंध निदेशक (एमडी) रवीश गुप्ता ने बुधवार को शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जनपदों का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तीनों जिलों के विद्युत विभाग के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, राजस्व संग्रह (राजस्व वसूली) और आगामी भीषण गर्मी की चुनौतियों को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। प्रबंध निदेशक ने लापरवाह अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मासिक और पारगामी राजस्व लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। जिन खंड, उपखंड या उपकेंद्रों में लक्ष्य अधूरे पाए जाएंगे, वहां संबंधित अवर अभियंता (जेई), उपखंड अधिकारी (एसडीओ) एवं अधिशासी अभियंता (एक्सियन) की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में एमडी ने लाइन लॉस (विद्युत चोरी व तकनीकी नुकसान) को कम करने, कलेक्शन एफीशिएंसी और थ्रो रेट में उल्लेखनीय सुधार लाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग से जुड़ी उपभोक्ताओं की समस्याओं का तुरंत निस्तारण होना चाहिए। उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत सही और समय पर बिल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत जितने भी कार्य स्वीकृत हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। देरी करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों को चिह्नित कर एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 के स्वीकृत कार्यों के लिए तत्काल कार्य योजना तैयार कर काम में तेजी लाने को कहा गया।
समीक्षा बैठक के बाद प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने तीनों जनपदों के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों (बिजली घरों) का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में पीक आवर्स (अत्यधिक मांग के समय) के दौरान पूर्ण रूप से ‘प्रोएक्टिव’ दृष्टिकोण अपनाया जाए ताकि विद्युत व्यवस्था निरंतर सुचारू रहे। उन्होंने साफ कहा कि टोल फ्री नंबर 1912 और अन्य माध्यमों से आने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतों को नजरअंदाज न किया जाए। अधिकारी व कर्मचारी उपभोक्ताओं के फोन अनिवार्य रूप से उठाएं और बेहद सौम्य व शिष्ट भाषा में बात कर उनकी समस्याओं का समाधान करें।
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