
मैक्स अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग पिता की आपबीती सुन रो पड़ा हर कोई, उपहार सिनेमा की यादें हुईं ताजा
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक रेस्टोरेंट और होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई है। यह आग मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे B&B नाम के होटल में सुबह करीब 8:48 बजे लगी। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग ने 8 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया।इस भीषण हादसे में 40 से ज्यादा लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू किए गए लोगों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया हैँ।


कल रात बात हुई और आज सुबह….
कल रात ही तो मेरी बेटी से बात हुई थी… उसने कहा था कि सब सो रहे हैं। सुबह पुलिस का फोन आया कि उनके चार मोबाइल फोन मिले हैं… यह कहते-कहते साकेत के मैक्स अस्पताल परिसर में खड़े एक बुजुर्ग पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बुधवार सुबह मालवीय नगर के ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल और लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी आग ने न जाने कितने हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं, लेकिन इसी बीच एक भारतीय परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ इस त्रासदी की सबसे दर्दनाक दास्तां बयां कर रहा है।

बेंगलुरु से दिल्ली आए थे, सुबह आई मौत की खबर
अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि उनकी बेटी और दामाद के पिता दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। उन्हीं का हाल-चाल जानने और उनसे मिलने के लिए यह परिवार कल रात ही बेंगलुरु से दिल्ली आया था और मालवीय नगर के इसी होटल में रुका था। बुजुर्ग ने बताया कि रात 8:28 बजे मेरी बेटी से आखिरी बार बात हुई थी। सुबह जब हादसे की खबर सुनकर मैं अस्पताल भागा, तो पता चला कि परिवार के 6 लोगों के शव यहां लाए जा चुके हैं। मेरी बेटी और उसकी मासूम बच्ची (मेरी नातिन) अभी भी लापता हैं। अस्पताल प्रशासन हमें अंदर जाने या शवों को देखने की इजाजत नहीं दे रहा है। हमें कोई साफ जानकारी नहीं मिल रही है।”
एक ही दरवाजा बना ‘मौत का जाल’
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, सुबह 8:48 बजे आग की पहली सूचना मिली थी। दमकल की 8 गाड़ियों और स्थानीय पुलिस ने मिलकर 40 से अधिक लोगों को बाहर निकाला। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सुरक्षा की भयानक लापरवाही सामने आई है। 5 मंजिला इस इमारत में आने और जाने के लिए केवल एक ही संकरा दरवाजा (सिंगल एग्जिट पॉइंट) था। जब नीचे रेस्टोरेंट में आग लगी, तो सीढ़ियों और एकमात्र दरवाजे पर गाढ़ा धुआं भर गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर सो रहे लोगों के लिए बाहर भागने का कोई रास्ता नहीं बचा। पुलिस अब होटल को मिली दमकल विभाग की एनओसी (NOC) और बिल्डिंग बायलॉज की बारीकी से जांच कर रही है।
उपहार सिनेमा कांड की यादें हुईं ताजा
इस हादसे ने दिल्लीवालों को करीब 29 साल पुराने ‘उपहार सिनेमा अग्निकांड’ की खौफनाक याद दिला दी है, जिसमें 59 लोगों की जान चली गई थी। उपहार कांड में भी सिनेमा हॉल के भीतर आने-जाने के रास्तों में लापरवाही और ब्लॉक एग्जिट ही इतनी बड़ी संख्या में मौतों का कारण बने थे। मालवीय नगर के इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद पैसों के लालच में कमर्शियल इमारतों में सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया जाता है।
मरीजों और तीमारदारों का गढ़ है यह इलाका
साकेत के बड़े अस्पतालों के नजदीक होने के कारण मालवीय नगर और हौज रानी का यह इलाका मेडिकल टूरिज्म का केंद्र माना जाता है। यहां के होटलों और गेस्ट हाउसों में देश-विदेश (विशेषकर अफ्रीका और सेंट्रल एशिया) से लोग इलाज कराने या मरीजों के साथ तीमारदार बनकर आते हैं। पुलिस के अनुसार, मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, जिनकी राष्ट्रीयता और पहचान की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है। फिलहाल मैक्स अस्पताल में भर्ती 20 से 25 घायलों में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है और मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।











Total views : 329211