
लोकपथ लाइव, उन्नाव: लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक बार फिर रफ्तार का जानलेवा रूप देखने को मिला। औरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 262 के पास दिल्ली से बिहार जा रही एक डबल डेकर एसी बस सुबह करीब 5 बजे अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण हादसे में बिहार पुलिस के एक दरोगा और गुरुग्राम के एक कैदी समेत 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में 3 पुलिसकर्मियों सहित 25 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से एक यात्री का पैर कटकर शरीर से अलग हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
चीख-पुकार के बीच एक्सप्रेस-वे पर लगा लंबा जाम
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, हादसा ड्राइवर को नींद की झपकी आने के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस की रफ्तार बहुत तेज थी। अचानक ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया और बस डिवाइडर से टकराने के बाद किनारे लगी लोहे की सेफ्टी रेलिंग पर जाकर लटक गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और कई यात्री खिड़कियों के शीशे टूटने से सीधे एक्सप्रेस-वे के नीचे ढलान पर जा गिरे। हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे पर करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसे बाद में क्रेन बुलाकर सुचारू कराया गया।
गुरुग्राम कोर्ट में पेशी कराकर लौट रही थी बिहार पुलिस
हादसे के शिकार हुए लोगों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में तैनात दरोगा रामचंद्र राम (59 वर्ष) और गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर (59 वर्ष) शामिल हैं। सीवान जेल अधीक्षक देवाशीष सिन्हा के मुताबिक, कैदी छत्रपाल पिछले 3 साल से सीवान में जिला परिषद के लिपिक की हत्या के मामले में जेल में बंद था और उस पर गुरुग्राम में भी हत्या के प्रयास (307) का मामला दर्ज था। सीवान पुलिस की टीम 24 मई को उसे गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए ले गई थी और वापस लौटते समय यह हादसा हो गया।
अब तक इन मृतकों की हुई शिनाख्त
रामचंद्र राम (59) – दरोगा, सीवान पुलिस लाइन (बिहार)
छत्तरपाल सिंह तोमर (59) – कैदी, निवासी गुरुग्राम (हरियाणा)
सुरेश कुमार जायसवाल – निवासी मुंडेरा बाजार, गोरखपुर (यूपी)
विदेशी गुप्ता – निवासी मदपुर, गोरखपुर (यूपी)
विजय कुमार – निवासी फारेसन गोविंदपुर, बस्ती (यूपी)
(2 अन्य मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।)
हाथ में पैर लेकर अस्पताल पहुंचा शख्स
हादसे के बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी की टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं। करीब 6 से 7 एंबुलेंस की मदद से 32 घायलों को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औरास पहुंचाया गया। अस्पताल का फर्श घायलों के खून से सन गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक घायल का पैर कटकर अलग हो गया था, जिसे एक शख्स हाथ में लेकर अस्पताल पहुंचा। सीएचसी में डॉक्टरों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया।
अचानक धमाका हुआ और सामने अंधेरा छा गया
सुबह टहलने निकले ग्रामीण ने पुलिस को दी सूचना, बस में सवार यात्री गहरी नींद में थे।
घायल यात्री बृजेश कुमार (बल्लभगढ़) ने बताया कि वह बस में सो रहा था। अचानक एक बहुत तेज झटका लगा और किसी बड़े धमाके जैसी आवाज हुई। इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाता या संभल पाता, मेरी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। जब होश आया तो खुद को अस्पताल के बेड पर पाया। हादसे में घायल सिपाही रामजी ने बताया कि वे सभी सोमवार रात करीब 8:30 बजे दिल्ली से गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे। सुबह के वक्त लगभग सभी यात्री गहरी नींद में थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया। वहीं, सुबह टहलने निकले एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि उसने जोरदार आवाज सुनकर पीछे देखा तो बस दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी थी और लोग खिड़कियों से नीचे गिर रहे थे, जिसके बाद उसने तुरंत डायल 100 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी।
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