
डीआईजी कार्यालय के बाहर चक्का जाम और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप
पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के दौरान बढ़ा था विवाद, सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
लोकपथ लाइव, सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक और आपराधिक खबर सामने आ रही है। सहारनपुर के डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम करने, यातायात ठप करने और पुलिस प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की तेजतर्रार सांसद इकरा हसन के खिलाफ पुलिस ने गंभीर कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सांसद इकरा हसन सहित 7 नेताओं को नामजद किया गया है, जबकि 25 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद से ही पूरे सहारनपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों का सियासी पारा अचानक गरमा गया है।


सिविल लाइन चौकी प्रभारी की तहरीर पर कार्रवाई
मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कानूनी कार्रवाई सिविल लाइन चौकी प्रभारी की तहरीर (लिखित शिकायत) के आधार पर की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सांसद और उनके सैकड़ों समर्थकों ने डीआईजी कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क को पूरी तरह से बाधित कर दिया था। इस ‘चक्का जाम’ के कारण आम जनता और राहगीरों को घंटों भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने अपनी शिकायत में सरकारी कार्य में बाधा डालने, सड़क रोककर यातायात ठप करने और जिले में लागू निषेधाज्ञा (धारा 144/प्रासंगिक प्रतिबंधों) का उल्लंघन कर उपद्रव करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला सहारनपुर के थाना सदर बाजार में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत पंजीकृत किया गया है।

क्या है पूरा मामला: पीड़ित महिला के लिए दिया था धरना
इस पूरे विवाद की शुरुआत बीते दिनों हुई थी, जब सांसद इकरा हसन एक पीड़ित महिला को न्याय दिलाने की मांग को लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। सांसद का आरोप था कि पुलिस विभाग उनके सांसद होने के नाते उनकी बात तो सुन रहा है और औपचारिकताएं पूरी कर रहा है, लेकिन मुख्य पीड़िता की गुहार पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुलिस के इस ढुलमुल रवैये से नाराज होकर सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ डीआईजी कार्यालय के ठीक बाहर मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। माहौल बिगड़ता देख डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सांसद को हिरासत में लेकर महिला थाने पहुंचाया। हालांकि, इसके महज 10 मिनट बाद ही उन्हें रिहा कर दिया गया था, लेकिन अपने हिरासत में लिए गए अन्य समर्थकों को छुड़ाने के लिए इकरा हसन ने दोबारा धरना शुरू कर दिया था। इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर अब पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश, वीडियो फुटेज से होगी पहचान
सांसद इकरा हसन पर मुकदमा दर्ज होने की खबर फैलते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने की राजनीतिक साजिश है। दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जा सकती, चाहे वह कोई जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर अज्ञात 25 आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है, जिसके बाद आगे की वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।











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