
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद में अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस और अभियोजन पक्ष को एक और बड़ी सफलता मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नं.-5) ने वर्ष 2020 में एक युवती की हत्या कर शव जंगल में फेंकने के जघन्य मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी को आजीवन कारावास और 60,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला खतौली थाना क्षेत्र का है, जहाँ 5 जुलाई 2020 को सोहनवीर उर्फ सोनी गुर्जर (पुत्र बलजीत), निवासी गुढम, थाना फलावदा (मेरठ) ने वादी की पुत्री की बेरहमी से हत्या कर दी थी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था। इस संबंध में मृतका के पिता की तहरीर पर खतौली थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अगले ही दिन 6 जुलाई 2020 को आरोपी सोहनवीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तत्कालीन विवेचना अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण ढंग से साक्ष्य संकलन करते हुए मात्र डेढ़ महीने के भीतर 20 अगस्त 2020 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ के निकट पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी खतौली द्वारा इस मामले में अदालत में प्रभावी पैरवी की गई। कोर्ट पैरोकार महिला मुख्य आरक्षी गीता और एडीजीसी सहदेव ने सभी गवाहों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत कर अचूक वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य पटल पर रखे। अभियोजन व पुलिस की इसी सशक्त पैरवी के आधार पर कोर्ट ने आरोपी सोहनवीर को दोषी करार देते हुए आज ऐतिहासिक सजा सुनाई। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की आमजन द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है, जिससे कानून व्यवस्था और खाकी के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है।
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