
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जनपद के औद्योगिक क्षेत्र पुरकाजी और शहर के आनंदपुरी में मचे हड़कंप पर शुक्रवार शाम को फिलहाल विराम लग गया। केंद्रीय जीएसटी (CGST) की टीम द्वारा ‘श्री राधे मेटाकास्ट’ फर्म के ठिकानों पर शुरू की गई ताबड़तोड़ छापेमारी करीब 48 घंटे तक चलने के बाद शुक्रवार देर शाम समाप्त हुई। टीम शुक्रवार सुबह व्यापारी के आवास से रवाना हो गई थी, लेकिन पुरकाजी स्थित फैक्ट्री पर शाम पांच बजे तक गहन जांच और स्टॉक मिलान का काम चलता रहा। विभाग का दावा है कि इस महाकार्रवाई में टैक्स चोरी से जुड़े कई बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले दस्तावेज हाथ लगे हैं।
गुरुवार को एक साथ शुरू हुई थी घेराबंदी
लोहे के इंगट (Ingot) बनाने वाली मुख्य फर्म ‘श्री राधे मेटाकास्ट’ पिछले काफी समय से केंद्रीय कर विभाग के रडार पर थी। गुरुवार को भारी दलबल के साथ सीजीएसटी की अलग-अलग टीमों ने फर्म के संचालक व निदेशक के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला था। कार्रवाई की शुरुआत शहर के आनंदपुरी स्थित फर्म के संचालक व निदेशक चुन्नीलाल, संजय पाल के आवास से हुई। हालांकि, जब टीम वहां पहुंची तो निदेशक चुन्नीलाल मौके पर मौजूद नहीं मिले। उनके फरार होने से विभाग का शक और गहरा गया। अधिकारियों ने उनके घर के भीतर मौजूद डिजिटल साक्ष्यों, कंप्यूटर हार्ड ड्राइव्स और फाइलों को रातभर खंगालना शुरू किया, जो शुक्रवार सुबह तक जारी रहा।
फैक्ट्री में शुक्रवार शाम 5 बजे तक चला सर्च ऑपरेशन
एक तरफ जहां आनंदपुरी में जांच चल रही थी, वहीं सीजीएसटी की दूसरी विंग पुरकाजी स्थित श्री राधे मेटाकास्ट की लोहा फैक्ट्री में डेरा डाले हुए थी। फैक्ट्री में उत्पादन से जुड़े रिकॉर्ड, कच्चे और तैयार माल के स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया। सूत्रों के मुताबिक, फैक्ट्री में यह रैंडम चेकिंग और कागजी मिलान शुक्रवार शाम पांच बजे तक अनवरत चलता रहा।
करोड़ों रुपये की कर चोरी का अंदेशा
सीजीएसटी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला करोड़ों रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की हेराफेरी और बड़े पैमाने पर बिना बिल के माल की सप्लाई (टैक्स चोरी) से जुड़ा हो सकता है। 48 घंटे तक चली इस मैराथन जांच के बाद टीम अपने साथ कई बोरे दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड लेकर गई है। यहां तक की कई रोलिंग मिल भी जांच के दायरे में आई है। मुजफ्फरनगर के नामचीन व्यापारी का नाम भी इस टेक्स चोरी में खुला है।
हालांकि, इस पूरी कार्रवाई को लेकर अभी तक केंद्रीय जीएसटी विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा कोई आधिकारिक प्रेस नोट या बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद फर्म के मालिकों पर बड़ा जुर्माना और कानूनी शिकंजा कसना तय है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से औद्योगिक क्षेत्र के अन्य लोहा व्यापारियों में भी हड़कंप का माहौल है।
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