
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। जिले के भोपा रोड स्थित गांव मखियाली के आसपास संचालित फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित कचरे और जहरीले धुएं ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। प्रदूषण के कारण बढ़ती बीमारियों से त्रस्त होकर कई परिवारों द्वारा गांव से पलायन करने की सूचना जैसे ही जिला प्रशासन तक पहुंची, हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्वास्थ्य विभाग को जमीनी हकीकत जानने के निर्देश दिए। डीएम के आदेश पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम मखियाली पहुंची और घर-घर जाकर मरीजों का हाल जाना।
कैंसर और सिरदर्द के मिले अधिक मरीज: जांच के दौरान सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को अपनी डायरी में दर्ज किया। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं; गांव में कैंसर, सांस लेने में तकलीफ और भयंकर सिरदर्द के मरीजों की संख्या काफी अधिक मिली है। सीएमओ ने निरीक्षण में पाया कि फैक्ट्रियों के प्रदूषण का सबसे घातक असर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ग्रामीण इस कदर भयभीत हैं कि बीमारियों से बचने के लिए गांव छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
आज गांव में लगेगा विशेष जांच कैंप, होंगे एक्सरे: ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए सीएमओ ने गांव में ही मुनादी कराई कि बुधवार को मखियाली में एक वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि शिविर में जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव में कैंसर और सिरदर्द के बढ़ते मामलों को देखते हुए मरीजों के डिजिटल एक्सरे व अन्य जरूरी पैथोलॉजिकल जांचें मौके पर ही कराई जाएंगी। इन जांच रिपोर्टों के आधार पर ही मरीजों का विस्तृत उपचार शुरू होगा और इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता के बाद ग्रामीणों में पलायन रोकने की उम्मीद जगी है।
Post Views: 165













Total views : 306618