
जिलों को सख्त निर्देश- दफ्तर छोड़ फील्ड में उतरें ‘डीएम’, घायलों के इलाज में कोताही पर होगी कड़ी कार्रवाई
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आंधी, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन को ‘हाई अलर्ट’ मोड पर डालते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में समय की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों को अगले 24 घंटे के भीतर अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया है।


संवेदना के साथ जवाबदेही तय
मंगलवार को जारी निर्देशों में मुख्यमंत्री ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक कहा कि जनहानि हो या पशुहानि, पीड़ित परिवारों तक सरकारी मदद पहुंचने में देरी अक्षम्य होगी। सीएम ने निर्देश दिया कि अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता पर हो और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मैदान में उतरेंगे अफसर, राहत टीमें सक्रिय
प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड में रहकर राहत कार्यों की कमान संभालने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में 24×7 सक्रिय रहें। राजस्व विभाग की टीमें तत्काल नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजें। जरूरी संसाधनों के लिए जिलाधिकारी सीधे शासन से समन्वय स्थापित करें।
अगले 24 घंटे भारी, मौसम विभाग का रेड अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों के लिए कई जनपदों में तेज आंधी और आसमानी बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों का सहारा न लें। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मौसम की हर अपडेट ग्रामीण क्षेत्रों तक समय रहते पहुंचाई जाए ताकि जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
बचाव और राहत का संकल्प:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। राहत राशि वितरण और घायलों के उपचार में कोई भी फाइल दफ्तरों में नहीं अटकनी चाहिए।












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