
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक बड़ा फेरबदल शुरू कर दिया है। शासन स्तर पर लिए गए ताजा फैसलों में इस बार ‘महिला शक्ति’ को फ्रंट लाइन पर रखा गया है। पाँच प्रमुख महिला आईएएस अधिकारियों को कलेक्टर बनाने की सूचनाएं है। इसी कड़ी में 10 से अधिक जिलों के जिलाधिकारी (कलेक्टर) बदलने की फाइल भी मुख्यमंत्री कार्यालय पहुँच चुकी है।


विकास और पारदर्शी प्रशासन प्राथमिकता
सूत्रों के अनुसार इस फेरबदल के पीछे का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन है। विशेष रूप से उन जिलों पर फोकस किया जा रहा है जहाँ विकास प्राधिकरणों व अन्य विभागों में प्रशासनिक पद पर आईएएस असफसर तैनात है।मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में प्राधिकरण उपाध्यक्ष पद पर नई तैनाती इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। बड़ी बात ये है कि इस बदलाव से न केवल प्रशासनिक गतिशीलता बढ़ेगी, बल्कि महिला अधिकारियों की प्रमुख पदों पर तैनाती से जनकल्याणकारी योजनाओं में अधिक संवेदनशीलता और पारदर्शिता आने की उम्मीद है। आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर इन तबादलों की आधिकारिक सूची जारी होने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में एक नया स्वरूप देखने को मिलेगा

महिला अफसरों का बढ़ेगा कद
शासन ने प्रशासनिक संतुलन और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए महिला अधिकारियों को नीति-निर्धारक पदों पर तैनात करने की तैयारी की है। दरअसल इन अफसरों का ट्रेनिंग अवधि पूरी हो चुकी है। जिन आईएएस अधिकारियों को जिलाधिकारी बनाने की तैयारी है, उनमें मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीना, बुलन्दशहर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष डॉ अंकुर लाठर के अलावा अनुभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात अन्नपूर्णा गर्ग, आईसीडीएस निदेशक सरनीत कौर ब्रोका और निदेशक पर्यटन ईशा प्रिया के नाम प्रमुखता से बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार अब पुराने ढर्रे पर चल रहे जिलों में नई ऊर्जा फूंकने के लिए वर्ष 2016 बैच के आईएएस अधिकारियों को मौका देने जा रही है। माना जा रहा है कि जिन 11 जिलों में बदलाव होना है, उनमें लंबे समय से तैनात अधिकारियों को हटाकर वेटिंग या सचिवालय भेजा जाएगा।
बदलाव की जद में आने वाले जिले
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि बाराबंकी, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, और भदोही जैसे जिलों में जल्द ही डीएम के पदों पर नए चेहरे नजर आएंगे। इसके अलावा बुंदेलखंड के चित्रकूट, महोबा और ललितपुर में भी विकास योजनाओं की सुस्त रफ्तार को देखते हुए कलेक्टर बदले जाने तय हैं।











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