
राष्ट्रपति के दौरे के बीच बिहार शरीफ में चीख-पुकार, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का एलान
लोकपथ लाइव, नालंदा: एक ओर जहाँ पूरा नालंदा जिला प्रशासन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के ऐतिहासिक दौरे की सुरक्षा और अगवानी की तैयारियों में पलकें बिछाए खड़ा था, वहीं जिले के बिहारशरीफ स्थित मघड़ा के प्रसिद्ध माता शीतला मंदिर में मौत का तांडव मच गया। मंगलवार की सुबह चैत्र मास के अंतिम मंगलवार की पूजा के दौरान अचानक फैली एक अफवाह ने नौ महिलाओं की जान ले ली। इस हृदयविदारक हादसे में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हैं, जिनमें से कई की स्थिति नाजुक बनी हुई है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, चैत्र माह का अंतिम मंगलवार होने के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगा था। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूजा के दौरान मंदिर के भीतर किसी बात को लेकर अचानक अफवाह फैली। अफवाह फैलते ही सुरक्षित बाहर निकलने की होड़ लग गई और लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे। भीड़ के अनियंत्रित दबाव में महिलाएं और बच्चे नीचे गिर गए, जिन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। जब तक भीड़ छंटी, तब तक घटनास्थल पर लाशों का ढेर लग चुका था, अभी तक नौ महिलाओं की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

अस्पताल में मची चीख-पुकार, परिजनों की तलाश जारी
हादसे के बाद मंदिर परिसर में चारों तरफ चीख-पुकार और अपनों को खोने का दर्द दिखाई दिया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत ‘मॉडल अस्पताल, बिहारशरीफ’ में भर्ती कराया गया। हादसे का शिकार हुए ज्यादातर लोग सपरिवार आए थे, जिससे बच्चों के बिछड़ने की भी कई खबरें सामने आईं। अस्पताल प्रशासन को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि घायलों और उनके परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।
प्रशासनिक चूक पर उठे सवाल
चूँकि आज ही राष्ट्रपति का नालंदा दौरा निर्धारित था, इसलिए जिले का पूरा प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल वहां की चाक-चौबंद सुरक्षा में तैनात था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर में उमड़ने वाली संभावित भीड़ का अंदाजा होने के बावजूद वहां सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
सरकार की त्वरित सहायता और शोक
इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के लिए 6-6 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इसमें आपदा प्रबंधन विभाग से 4-4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये प्रति मृतक के आश्रितों को दिये जाएंगे। वहीं मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के मुफ्त और बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी हादसे पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए इसे एक अपूरणीय क्षति बताया है। फिलहाल पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों और सुरक्षा में कमी की जिम्मेदारी तय की जा सके।
क्यों थी इतनी भीड़?
नालंदा के शीतला माता मंदिर हादसे पर सीएम नीतीश कुमार ने दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए 6-6 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. घायलों को इलाज के लिए मॉडल अस्पताल भेजा गया है. चैत्र महीने का आज आखिरी मंगलवार है. इसको लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में जुटी थी. ये मंदिर बिहारशरीफ (नालंदा) से लगभग 5 किलोमीटर दूर मघड़ा गांव में स्थित है. चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी (शीतला अष्टमी) को मुख्य पूजा होती है. परंपरा है कि शीतला अष्टमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता है. भक्त माता को एक दिन पहले बना ठंडा भोजन (बासी) भोग लगाते हैं. अष्टमी के दिन यहां भारी भीड़ होती है, लोग लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन करते हैं.










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