
स्पेशल एनआई कोर्ट का आदेश, अंसार गजवत-उल-हिंद के मॉड्यूल का हिस्सा हैं दोनों आरोपी
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: राजधानी के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआई) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। पटियाला हाउस स्थित स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सोमवार को मामले के दो प्रमुख आरोपियों, तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद अहंगर की न्यायिक हिरासत को अगले 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। दोनों आरोपियों की 15 दिनों की हिरासत की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही थी।


एनआईए की जांच में बड़े खुलासे
एनआईए, जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर इस साजिश की परतों को उधेड़ रही है। जांच में सामने आया है कि जमीर और तुफैल केवल दिल्ली ब्लास्ट ही नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ कई अन्य आतंकी षड्यंत्रों का भी हिस्सा थे। ये दोनों आरोपी सीमा पार से आने वाले हथियारों और गोला-बारूद को ठिकाने लगाने और उन्हें जुटाने में सक्रिय थे। मास्टरमाइंड उमर ने मुजम्मिल गनई, शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान और आदिल अहमद राथर के साथ मिलकर इस पूरी कायराना हरकत की योजना बनाई थी। एनआईए के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं जो इस आतंकी मॉड्यूल के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की ओर इशारा करते हैं। हिरासत बढ़ने से एजेंसी को साजिश के अंतिम छोर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। गांदरबल निवासी जमीर अहमद और श्रीनगर के रहने वाले तुफैल अहमद को सुरक्षा एजेंसियों ने नवंबर 2025 में एक साझा ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, ये दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद के सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहे थे। अब तक इस मामले में कुल 11 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

10 नवंबर: दिल्ली के लिए काला दिन
बता दें कि 10 नवंबर 2025 को लाल किला मेट्रो स्टेशन के समीप हुए इस आत्मघाती हमले ने पूरी दिल्ली को दहला दिया था। इस भीषण विस्फोट में 11 मासूम लोगों की जान चली गई थी, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हमले का मुख्य मास्टरमाइंड उमर उन नबी स्वयं भी धमाके के दौरान मारा गया था।










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