
लोकपथ लाइव, गाजियाबाद: औद्योगिक नगरी गाजियाबाद में एक बार फिर प्रदूषण का ग्राफ ऊपर चढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनपद के अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भारी असमानता देखी गई है, जिसमें लोनी सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बनकर उभरा है। माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा धुंआ
क्षेत्र के अनुसार हवा का हाल:
प्रदूषण निगरानी केंद्रों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में लोनी में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में दर्ज की गई, जहां AQI का स्तर 267 तक पहुंच गया था। वहीं, वसुंधरा में यह आंकड़ा 209 रहा, जिसे ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में माना जाता है। रिहायशी इलाके इंदिरापुरम के लोगों को थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन वहाँ भी AQI 191 के साथ ‘मध्यम से खराब’ श्रेणी के बीच बना हुआ है। राहत की खबर केवल संजय नगर से है, जहाँ प्रदूषण का स्तर 149 यानी ‘मध्यम’ (Moderate) दर्ज किया गया।
बढ़ रहा है स्वास्थ्य का खतरा: हवा में बढ़ते पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों के कारण बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में कठिनाई महसूस हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोनी और वसुंधरा जैसे इलाकों में रहने वाले लोग सुबह की सैर (Morning Walk) से बचें और बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
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