
मंगलवार को पहले दिन हुई गणित और बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा
बोर्ड ने देशभर में 15649 परीक्षा केंदों पर परीक्षा के लिए विशेष व्यवस्था
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: देशभर में 15649 परीक्षा केंदों पर सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को पहले दिन 10वीं के छात्रों में गणित और 12वीं के छात्रों में बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा के लिए उत्साह देखा गया। हालांकि सीबीएसई बोर्ड की यह परीक्षा भारत समेत 26 देशों में भी एक साथ शुरु हुई है और 43 लाख से अधिक छात्र इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सूत्रों के अनुसार मंगलवार को शुरु हुई सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 43,67,870 छात्र व छात्राएं शामिल हो रहे हैं। देशभर में इस परीक्षा के लिए 15649 परीक्षा केंद स्थापित किये गये हैं, जिनमें 10वीं के लिए 8,075 और 12वीं के लिए 7,574 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए दसवीं कक्षा के 25,08,319 यानी 14,08,546 छात्र और 10,99,773 छात्राएं शामिल हैं। जबकि 12वीं में 18,59,551 छात्र परीक्षा दे रहे हैं जिनमें 10,27,552 छात्र और 8,31,999 छात्राएं शामिल हैं। बोर्ड की परीक्षा में पहले दिन मंगलवार को दसवीं कक्षा का गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक) और 12वीं का बायोटेक्नोलॉजी और शार्टहैंड (एंटरप्रेन्योरशिप) विषय की परीक्षा हुई। इस बार कक्षा 10वीं की परीक्षा 83 विषयों में और 12वीं की परीक्षा 120 विषयों में आयोजित की जा रही हैं। सीबीएसई ने 2026 की परीक्षाओं के लिए कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन हेतु ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली की शुरुआत की है, जबकि कक्षा 10 का मूल्यांकन पारंपरिक भौतिक माध्यम से ही जारी रहेगा।

क्या हैं सीबीएसई के निर्देश
सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा 2026 के आयोजन के लिए देशभर के स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि पिछले सालों की भांति साल भी प्रश्नपत्र से जुड़ी किसी भी तरह की आपत्ति या सुझाव निर्धारित प्रणाली के तहत ही बोर्ड को भेजना सुनिश्चित करें। सीबीएसई के निर्देश है कि कक्षा 10वीं के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा में कम से कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होने वाले छात्रों को अनिवार्य पुनरावृत्ति श्रेणी में रखा जाएगा और वे केवल अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा में ही शामिल हो पाएंगे। पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट वाले छात्रों को ही दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। वहीं परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डालने या भ्रामक सूचना फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










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