
सामाजिक-आर्थिक न्याटय संविधान की आत्माे: द्रौपदी मुर्मू
तीन तलाक, आर्टिकल-370 हटाने व जीएसटी तक का किया जिक्र
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: संसद भवन (संविधान सदन) के केंद्रीय कक्ष में बुधवार को संविधान दिवस पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के दौरान आयोजित समारोह में राष्ट्रपति के नेतृत्व में संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया। संविधान दिवस समारोह के दौरान डिजिटल मोड में कई योजनाओं का विमोचन भी किया गया। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ भाषाओं में भारत के संविधान का लोकार्पण भी किया।


देश में आज 75वां संविधान दिवस को देश के हर कोने में और विश्व में रहने वाले भारतीयों द्वारा संवैधानिक मूल्यों के राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। संविधान दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को संसद में संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष आयोजित संविधान दिवस समारोह में संसद के दोनों सदनों-लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक के दौरान राष्ट्रसपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया। इस दौरान उपराष्ट्रापति सीपी रधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्य्सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत तमाम सांसद और मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विशेष समारोह में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक-आर्थिक न्यासय संविधान की आत्मा् है। इसलिए संविधान में सामाजिक न्याय प्रमुख है। उन्होंने इस मौके पर जम्मूे-कश्मीेर से तीन आर्टिकल 370 हटाने, तलाक कानून लागू करने और जीएसटी लागू करने जैसी कई अवधानों का भी जिक्र किया और कहा कि यह मौका भारत द्वारा संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि का प्रतीक है। इस कार्यक्रम को सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तरफ से संबोधित किया गया। इसके बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी वक्तव्य दिया।

कई योजनाओं का विमोचन
संविधन सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित संविधान दिवस समारोह के दौरान डिजिटल मोड में कई योजनाओं का विमोचन भी किया गया। इसमें विधायी विभाग की तरफ से तैयार आठवीं अनुसूचि में शामिल 22 में से नौ भाषाओं यानी मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया में भारत के संविधान का लोकार्पण किया। वहीं संस्कृति मंत्रालय की तरफ से तैयार स्मारक पुस्तिका ‘भारत के संविधान से कला और कैलीग्राफी ‘ (हिन्दी संस्करण) का विमोचन किया गया।
देशभर में कार्यक्रम आयोजित
संविधान दिवस के मौके पर देश भर में बुधवार को सभी केंद्रीय मंत्रालय/विभाग, उनके अधीनस्थ और संबद्ध कार्यालय, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारें और स्थानीय निकाय इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिनमें आम लोग भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों में मायजीओवी.इन और संविधान75.कॉम पर प्रस्तावना का ऑनलाइन वाचन, प्रमाणपत्र सृजन और सोशल मीडिया साझाकरण में भागीदारी,’हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान’ पर राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज और ब्लॉग/निबंध प्रतियोगिताओं के अलावा सम्मेलन, सेमिनार, वाद-विवाद, लघु फिल्में, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पोस्टर/पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिताएं, तथा पंचायत से संसद स्तर तक संविधान-विषयक अन्य गतिविधियां की जा रही हैं।
पीएम मोदी ने दी संविधान के निर्माताओं को श्रद्धांजलि
75वें संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान के निर्माताओं को याद किया। उन्होंजने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ‘संविधान दिवस पर हम अपने संविधान के निर्माताओं को श्रद्धांजलि देते हैं। उनकी दूरदर्शी सोच और विजन हमें विकसित भारत के निर्माण की दिशा में लगातार प्रेरित करता है। हमारा संविधान मानव गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व देता है। यह हमें अधिकार देता है, लेकिन साथ ही यह नागरिक होने के नाते हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है, जिन्हें हमें हमेशा पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प को दोहराने का आव्हान किया।
अमित शाह ने संविधान निर्माताओं को किया याद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 75वें संविधान दिवस के मौके पर संविधान निर्माताओं को याद किया और कहा कि आज ‘संविधान दिवस’ पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी सहित संविधान सभा के सभी महान सदस्यों को नमन और देशवासियों को इस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का संविधान हर देशवासी को समान अवसर, सम्मानपूर्ण जीवन, राष्ट्रीय कर्त्तव्य और अधिकार प्रदान कर मजबूत राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यकमंत्री योगी आदित्य्नाथ ने संविधान दिवस पर कहा कि भारतीय संविधान में का निर्माण डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्य क्षता में हुई जो बाद में देश के राष्ट्र्पति बने। योगी ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे और उनकी भूमिका काफी महत्वहपूर्ण रही। भारत के संविधान निर्माण में जिन भी स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने अपना योगदान दिया और उस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इसमें अपना सहयोग किया आज उसी का परिणाम है कि दुनिया के अंदर सबसे बड़ा संविधान भारत की अनेकता को एकता में जोड़ने वाला संविधान अगर किसी के पास है।











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