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संसद के मानसून सत्र में आठ नए विधेयक लेकर आएगी सरकार

संसद में सात लंबित विधेयक समेत 15 बिल पास कराने का होगा प्रयास

संसद सात लंबित विधेयकों को भी पास कराने का होगा प्रयास
बिहार चुनाव के लिए मतदाता सूची रिवीजन पर हंगामे के आसार
LP Live, New Delhi: संसद के आगामी 21 जुलाई सोमवार से शुरु हो रहे मानसून सत्र में केंद्र सरकार भारी भरकम कामकाज के साथ सदन में आएगी। सरकार के एजेंडे में आठ नए विधेयक और इनकम टैक्स बिल समेत सात लंबित विधेयक पारित कराने का प्रयास होगा। वहीं अन्य जरुरी सरकारी कामकाज के साथ मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने के प्रस्ताव को भी इस सत्र में मंजूरी दी जाएगी।

संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से आरंभ होकर अगले महीने 21 अगस्त तक चलेगा और 21 बैठकें निर्धारित हैं। वहीं 13 अगस्त से 17 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों में कोई बैठक नहीं होगी। केंद्र सरकार इस सत्र में आठ नए बिल लाने जा रही है। वही इनकम टैक्स बिल समेत सात लंबित विधेयकों को भी सरकार प्रयास कराने का प्रयास करेगी। इसके अलावा एजेंडे के अनुसार इस सत्र के दौरान ही मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को भी पारित कराया जाएगा।

संसद में पेश होने वाले नए विधेयक
मानसून सत्र के लिए सरकार के एजेंडे में जिन आठ नए विधेयकों को शामिल किया गया है, उनमें मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन)अधिनियम-2017, कराधान विधि (संशोधन) विधेयक-2025, जन विश्वास (संशोधन) विधेयक-2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक-2025, भू-विरासत स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण एवं रखरखाव) विधेयक-2025, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक-025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक-2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक-2025 को पेश करके उन पर विचार और पारित कराने का प्रयास होगा। इनके अलावा इनके अलावा लंबित विधेयकों में इनकम टैक्स बिल-2025 व इंडियन पोर्ट्स बिल समेत सात विधेयक भी इस सत्र के लिए शामिल हैं।

आपरेशन सिंदूर के सीजफायर की मध्यस्ता पर हमलावर विपक्ष
पहलगाम आतंक हमले और उसके बाद आतंकवाद के खिलाफ चलाए गये आपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथ युद्ध विराम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावे को लेकर विपक्ष मोदी सरकार को घेरने की तैयारी है। जबकि मोदी सरकार बार बार कह चुकी है कि युद्ध विराम में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है। इसी मुद्दे पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगने के लिए हमलावर है। हालांकि आपरेशन सिंदूर पर संसद में चर्चा और सरकार जवाब देगी और इसके लिए अन्य विदेशी नितियों से भी सरकार सदन को अवगत कराएगी।

विपक्ष के मुद्दों का माकूल जवाब देने की तैयारी में सरकार
संसद के इस सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए विपक्ष कई मुद्दों को सदन में उठाने की रणनीति बना चुकी है। केंद्र सरकार भी विपक्ष के मुद्दो का माकूल जवाब देने की तैयारी के साथ सदन में आएगी। इसके साथ ही इस सत्र में बिहार की मतदाता सूची के रिवीजन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘एसआईआर’ को लेकर विपक्ष संसद में हंगाम कर सकता है। वहीं दूसरी ओर एक मुद्दा ऐसा भी जिसमें पक्ष और विपक्ष एक मत हो सकते है। मसलन दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव के मुद्दे पर विपक्ष से संपर्क करके सरकार लोकसभा के 100 सांसदों के हस्ताक्षर जुटा रही है। इस प्रक्रिया में लोकसभा अध्यक्ष एक जांच कमेटी के गठन कर सकते हैँ। इस मुद्दो पर पक्ष और विपक्ष एकजुटता के साथ प्रस्ताव पारित करने को तैयार है।

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