
विधान सभा सत्र में पेश अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र में सर्वाधिक 3500 करोड़ का प्रावधान
पीएम सूर्य घर योजना में सब्सिडी के लिए 500 करोड़ की मंजूरी
लोकपथ लाइव, लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को योगी सरकार ने 24496.90 करोड़ रुपये अनुपूरक बजट पेश किया। योगी सरकार ने प्रदेश में अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र के सुधार में करीब 3500 करोड़ का प्रावधान किया, जिसके तहत मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए धनराशि दी गई है। वहीं निराश्रित महिला पेंशन योजना में 535 करोड़ रुपये, पीएम सूर्य घर योजना में सब्सिडी के लिए 500 करोड़ के अलावा पंचायत चुनावों के लिए भी 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किये गये 24496.90 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट में चिकित्सा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान यानी लगभग 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसका मकसद आमजन तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। अनुपूरक बजट में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पतालों के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के लिए धनराशि दी गई है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता के अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों की सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। वहीं आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है।

अनुपूरक बजट से निराश्रित महिला पेंशन योजना को संबल
योगी सरकार ने अनुपूरक बजट पति के मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में पेंशन भुगतान को निर्बाध बनाए रखने के लिए सरकार ने 535 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जाती है, जिसका भुगतान प्रत्येक तिमाही में किया जाता है। वर्ष 2025–26 की चौथी तिमाही में पेंशन भुगतान के लिए लगभग 40 लाख लाभार्थियों को शामिल किया गया है। इसके लिए लगभग 1200 करोड़ की आवश्यकता आंकी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए भी अनुपूरक बजट में 7 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बालकों को आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल जैसी सुविधाएं मिले इसके लिए सरकार प्रयत्नशील है।
तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में होगा सुधार
प्रदेश के अनुपूरक बजट में तकनीकी और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य पॉलीटेक्निक कॉलेजों की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये तथा उनमें आधुनिक तकनीक से लैस एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए 613.72 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 50 हजार युवाओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण देने के लिए 150 करोड़ रुपये, एनसीसी प्रशिक्षण से जुड़ी विभिन्न मदों के लिए 9 करोड़ रुपये और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में भवन निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रुपये की आवश्यकता का प्रस्तावित है। जबकि इंजीनियरिंग कॉलेज, झांसी के लिए 2 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश राज्य प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर को अनुदान सहायता प्रदान करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। बजट में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में पॉलीटेक्निक भवनों के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 50 हजार युवाओं को अल्पकालीन प्रशिक्षण देने के लिए 150 करोड़ रुपये, दस्तकारी प्रशिक्षण योजना के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नई इकाइयों की स्थापना एवं उपकरणों की व्यवस्था के लिए 7 करोड़ रुपये, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 5 करोड़ रुपये तथा राजकीय महिला शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय, प्रयागराज में भवन परिसर के निर्माण कार्य के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
ओबीसी छात्रवृत्ति के लिए 3616 करोड़ का प्रावधान
अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए वर्ष 2024-25 के अवशेष तथा 2025-26 की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु 3616 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि प्रस्तावित है। साथ ही दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अग्नि सुरक्षा एवं छात्रावास निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गई है। इसके अलावा डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में विभिन्न मदों में सहायता अनुदान हेतु 5.43 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा गया है।
पीएम सूर्य घर योजना को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पीएम सूर्य घर योजना के लिए अनुपूरक बजट में राज्य सब्सिडी लिए 500 करोड़ रूपये की मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक कुल 10,09,567 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 3,14,376 घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। अब तक 1,083.63 मेगावाट सोलर इंस्टॉलेशन क्षमता का सृजन से 3,17,690 परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा का लाभ मिला है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 2,188.79 करोड़ रुपये की केंद्रीय सब्सिडी जारी की गई है, जबकि राज्य सरकार की ओर से लगभग 600 करोड़ रुपये की राज्य सब्सिडी भी प्रदान की जा चुकी है।
पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस
योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के अनुपूरक बजट में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के सफल और सुचारु आयोजन के लिए 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव किया है। पंचायती राज विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव का उद्देश्य चुनावी तैयारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। सीएम योगी के निर्देश पर पंचायतों के सशक्तिकरण पर सरकार विशेष जोर दे रही है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए अनुपूरक बजट 2025-2026 के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन निर्माण के लिए 24.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है।
एमएसएमई सेक्टर को ठोस आर्थिक समर्थन
उत्तर प्रदेश सरकार ने एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) सेक्टर को सशक्त बनाने को लेकर अनुपूरक बजट में स्पष्ट और ठोस प्रावधान किए हैं। एमएसएमई से जुड़े कार्यालयी तंत्र को मजबूत करने के लिए जिला उद्योग केंद्र के अधिष्ठान व्यय हेतु 1.5 करोड़ रुपये तथा उद्योग निदेशालय के अधिष्ठान व्यय के लिए भी 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के अंतर्गत 823.43 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। वहीं औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के लिए 300 करोड़ रुपये और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास नीति 2012 के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि एमएसएमई सेक्टर को बड़े निवेश से जोड़ने के लिए फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और फॉर्च्यून-500 कंपनियों की निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत 371.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ईको पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष बल
अनुपूरक बजट में पर्यटन, कला, संस्कृति को बढ़ावा देने और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए अनुपूरक बजट में यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लिए 1 करोड़ रुपये तथा अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास करने के लिए 5 करोड़ रुपये की मांग की गई है। वहीं श्री सोरों और श्री कल्कि धाम व अन्य तीर्थ स्थलों में विकास कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रस्ताव रखा है। लोक कलाकारों को वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।











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