
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर/शामली: भ्रष्टाचार और भूमाफिया के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले मास्टर विजय सिंह का धरना 30 वर्ष पूरे कर चुका है। इसे देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे लंबा सत्याग्रह बताया जा रहा है। उनका यह आंदोलन विभिन्न रिकॉर्ड बुक्स में भी दर्ज हो चुका है। होने का दावा किया जा रहा है।
शामली जिले के गांव चौसाना की लगभग 4000 बीघा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर मास्टर विजय सिंह ने 26 फरवरी 1996 को मुजफ्फरनगर कलक्ट्रेट परिसर में सत्याग्रह शुरू किया था। उस वक्त शामली जिला मुजफ्फरनगर जिले का ही हिस्सा हुआ करता था। उनका कहना है कि उक्त भूमि की वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये में पहुंच चुकी है और मुजफ्फरनगर व शामली में अन्य स्थानों पर भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण है।
बताया जाता है कि वर्ष 2008 में बसपा सरकार के दौरान करीब 300 बीघा भूमि कब्जा मुक्त कराई गई थी, लेकिन उसके बाद से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मास्टर विजय सिंह का दावा है कि अब तक कुल 300 बीघा भूमि ही मुक्त हो सकी है, शेष भूमि अब भी अवैध कब्जे में है।
सितंबर 2019 तक उनका धरना मुजफ्फरनगर कलक्ट्रेट परिसर में चलता रहा, जिसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी शेल्वा कुमारी जे. ने धरना स्थल को परिवर्तित कर शिव चौक स्थित पालिका की मार्किट में स्थानांतरित करा दिया था। तब से वह यहीं 24 घंटे, गर्मी–सर्दी–बरसात में वहां डटे हुए हैं।
मास्टर विजय सिंह ने 8 अप्रैल 2019 को शामली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग रखी थी। उनका कहना है कि जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन भूमि खाली नहीं कराई गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वयं मामले की समीक्षा कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि उनकी शिकायत गलत साबित हो तो उन्हें दंडित किया जाए।
धरने की अवधि को लेकर इसे विश्व रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इससे पहले अमेरिका में विलियम थॉमस ने परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को लेकर 27 वर्ष तक धरना दिया था, जबकि मणिपुर की इरोम शर्मिला ने 16 वर्षों तक भूख हड़ताल की थी। अब 30 वर्ष पूरे कर मास्टर विजय सिंह का सत्याग्रह विश्व का सबसे लंबा धरना बताया जा रहा है।
Post Views: 107













Total views : 226060