
लोकपथ लाइव, लखनऊ/मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश में जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले रक्त केंद्रों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा अभियान छेड़ा है। प्रदेश के 13 जनपदों में संचालित 36 चैरिटेबल ट्रस्ट और सोसायटियों के ब्लड बैंकों की सघन जांच के बाद विभाग ने गंभीर अनियमितताएं पाते हुए 7 रक्त केंद्रों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।


13 जनपदों में चली जांच की आंधी
FSDA मुख्यालय द्वारा गठित औषधि निरीक्षकों की अंतर-जनपदीय टीमों ने एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के तहत मुजफ्फरनगर में 6, बरेली में 6, इटावा में 5, रायबरेली में 5, मुरादाबाद में 5, कुशीनगर में 2 और आगरा, जौनपुर, अमरोहा, बलरामपुर, बागपत, मैनपुरी व भदोही में एक-एक केंद्र की जांच की गई।

खून के खेल में मिलीं ये गंभीर कमियां
जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ब्लड बैंकों में अनिवार्य तापमान का अभाव, कोल्ड चेन का टूटना, अनिवार्य ELISA टेस्ट न होना और तकनीकी स्टाफ की अनुपस्थिति जैसी गंभीर खामियां मिलीं। सबसे खतरनाक बात यह रही कि कई केंद्रों पर बिना रिकॉर्ड के रक्त का ‘बल्क ट्रांसफर’ किया जा रहा था।
इन 7 केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से लगी रोक
विभाग ने जिन केंद्रों के संचालन पर रोक लगाई है, उनमें सबसे अधिक मुजफ्फरनगर के संस्थान शामिल हैं
मुजफ्फरनगर के जीवांश चैरिटेबल ब्लड सेंटर (मेरठ रोड), सर्वोदया चैरिटेबल ब्लड सेंटर (भोपा रोड), एसडी मेडिकल इंस्टिट्यूट (भोपा रोड), दुर्गा चैरिटेबल ब्लड सेंटर पर ब्लड बैंक संचालन में गडबड़ियों मिली है, जिनके कार्यों पर रोक लगाई है।
इटावा में अचिंत्य चैरिटेबल ब्लड सेंटर (फ्रेंड्स कॉलोनी), मानव सेवा चैरिटेबल ब्लड सेंटर (आगरा रोड) शामिल है।
बरेली में लॉइन्स चैरिटेबल ब्लड सेंटर (मिनी बाईपास) को भी नोटिस जारी किया है।
FSDA ने स्पष्ट किया है कि जिन 7 केंद्रों पर रोक लगाई गई है, वहां मौजूद रक्त घटकों के सुरक्षित निस्तारण के लिए अलग से एडवाइजरी जारी की गई है। बाकी बचे 29 केंद्रों को भी कमियां पाए जाने पर ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया जा रहा है। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध और असुरक्षित रक्त कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।










Total views : 263625