
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर: अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की नगर कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार 28 मार्च को जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) से मुलाकात कर गैस सिलेंडरों की किल्लत और एजेंसियों के तानाशाही रवैये के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापार मंडल ने उपभोक्ताओं को हो रही पांच मुख्य समस्याओं को लेकर एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा और तत्काल समाधान की मांग की।


प्रमुख आरोप और समस्याएं
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय मित्तल के साथ अन्य पदाधिकारियों ने अधिकारियों को अवगत कराया कि गैस एजेंसियां (विशेषकर आधुनिक गैस, कोफेड गैस और दीपक गैस) उपभोक्ताओं को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। मुख्य मुद्दे निम्नलिखित रहे:

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DAC का खेल: उपभोक्ताओं के पास डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आने के बावजूद ‘वाउचर’ के नाम पर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। कई मामलों में बिना गैस मिले ही ‘डिलीवर’ होने का मैसेज आ जाता है।
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अभद्र व्यवहार: व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि एजेंसियों के अधिकारी कार्यालय के गेट बंद कर अंदर बैठ जाते हैं, जबकि आम जनता घंटों लंबी लाइनों में खड़ी रहती है। पूछताछ करने पर जनता के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
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अवैध वसूली: ‘टोकन बुक’ के नाम पर उपभोक्ताओं से 280 रुपये अधिक तक वसूले जा रहे हैं, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।
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KYC का भ्रम: केवाईसी अपडेट को लेकर जनता को सही जानकारी नहीं दी जा रही, जिससे उपभोक्ता परेशान होकर भटक रहे हैं।
प्रशासन का रुख
जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर एआरओ अमित यादव ने ज्ञापन लेते हुए ने व्यापार मंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि प्रत्येक बिंदु की गहनता से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए जाएंगे और दोषी एजेंसियों के खिलाफ उचित कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
यह रहे उपस्थित पदाधिकारी
इस दौरान जयपाल शर्मा, प्रमोद त्यागी, अंशुमान अग्रवाल, नीरज बंसल, एडवोकेट विपिन मित्तल, पुनीत सिंघल, सुभाष मित्तल, विवेक गर्ग, प्रवीण धीमान, अमजद सैफी, राजीव गर्ग, तारिक भाई और अविरल मित्तल सहित अन्य पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।











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