
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार का पेश किया गया बजट कांग्रेस नेताओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। पार्टी नेताओं ने इसे आम जनता के बजाय चुनिंदा वर्गों को राहत देने वाला बताया। कांग्रेस का आरोप है कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में ठोस बढ़ोतरी न होने से भी निराशा जताई गई।
कांग्रेस पार्टी के उत्तर प्रदेश महासचिव एवं पूर्व जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर सुबोध शर्मा का कहना है प्रदेश इस बजट में देश के युवाओं के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। देश में बढ़ती बेरोज़गारी जैसी गंभीर समस्या के समाधान हेतु कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की बातें तो की जाती हैं, लेकिन इस बजट में महिलाओं के लिए भी कोई विशेष प्रावधान या राहत नज़र नहीं आती। चाहे किसान हों, मध्यम वर्ग हो या छोटे व्यापारी, किसी के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। टैक्स के मोर्चे पर भी आम जनता को कोई राहत नहीं दी गई है, जिससे मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है। बढ़ती महँगाई से जूझ रही जनता को भी इस बजट से कोई राहत नहीं मिली है। सुबोध शर्मा का कहना है कि कुल मिलाकर यह बजट जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता और एक तरह से आम नागरिक स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
कांग्रेस पार्टी के मुजफ्फरगनर से पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश पुंडीर भी केंद्रीय बजट से नाखुश दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार द्वारा रविवार को लोकसभा मे पेश किया हुआ बजट किसान मजदूर छोटे व्यापारी महिला एवं आम नागरिक विरोधी है। इस बजट मे किसान व मजदूर के लिए कोई भी लाभ नजर नही आ रहा है। यह बजट निराशाजनक है। बजट में किसान और मजदूरों के लिए बात होनी चाहिए थी, लेकिन उद्यमियों की अधिक बातों का बजट में ध्यान रखा गया है।
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