डीआईओएस कार्यालय पर शिक्षकों का धरना, रखी अपने प्रमुख मांगे

LP Live, Muzaffarnagar: माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के बैनर तले शिक्षकों ने धरना दिया।
धरने में विभिन सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों ने लंबित मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक के समक्ष आवाज उठाई । शिक्षकों का ऑफलाइन स्थानांतरण और पुरानी पेंशन। बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया।
माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के जिलाध्यक्ष राहुल कुशवाह के नेतृत्व में विभिन्न स्कूलों के शिक्षक डीआईओएस कार्यालय पर एकत्रित हुए, वहाँ उन्होंने धरना देते हुए अपनी माँगो को लेकर नारेबाज़ी की। धरने में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को न तो पहले सुना गया है और न ही उनका समाधान किया गया है। एक ओर, कुछ कर्मचारी सड़कों पर उतरकर सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर वे अपने अधिकारों के लिए संगठित हो है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया तो वे आगामी दिनों में और भी बड़े आंदोलन करेंगे। डीआईओएस राजेश श्रीवास को शिक्षकों ने ज्ञापन दिया।
यह रही प्रमुख मांगे
माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए।
शिक्षक एवं कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः लागू की जाए।

भ्रष्टाचार पर रोक के लिए ई-फाइलिंग प्रणाली लागू हो।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सेवा सुरक्षा हेतु पूर्व अधिनियम 182 की धारा 21 की पूर्व भांति लागू हों।
जीएफ खातों का रखरखाव ऑनलाइन किया जाए।
व्यायाम एवं संगीत शिक्षकों को प्रवक्ता के पद पर 50 प्रतिशत कोटे में पदोन्नति का अधिकार मिले।
विषय विशेषज्ञों की पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
धरने की बागडोर: धरने की अध्यक्षता यशपाल सिंह ने की। जिला अध्यक्ष डॉ. राहुल कुशवाहा एवं जिला मंत्री समीर चौधरी ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी और कहा कि शिक्षक अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
सहयोग व योगदान: धरने को सफल बनाने में प्रमुख रूप से कपिल त्यागी, सत्येंद्र मलिक, अक्षय कुमार, सत्यकाम तोमर, रमेश, योगेश भंडारी, प्रीत वर्धन, रतनलाल, दीपक गर्ग, अनिल कुमार, अमित शर्मा, अशोक सैनी, तेजपाल सिंह, जितेंद्र मोतला, संजीव पुंडीर, अमृतपाल, शालिनी सिंह, गीता रानी, सुचित्रा सैनी (जिला मंत्री, राजकीय शिक्षक संघ), पूजा द्विवेदी, डॉ. रश्मि चौधरी, अंजलि गर्ग आदि का सराहनीय योगदान रहा।
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