
दिल्ली-एनसीआर में हथियारों की सप्लाई औ संगीन अपराधों में बना था खौफ
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: राजधानी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले अवैध हथियारों के सबसे बड़े सिंडिकेट को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली निवासी मोहम्मद इसरार उर्फ ‘कट्टा’ को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इसरार न केवल दिल्ली और हरियाणा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था, बल्कि उस पर कुल 55,000 रुपये का इनाम भी घोषित था।


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शामली का इसरार केवल हथियारों का सप्लायर ही नहीं, बल्कि हत्या, डकैती और संगीन लूट की वारदातों का मास्टरमाइंड भी रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के राज्यों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। मोहम्मद इसरार पर केवल अवैध हथियार सप्लाई करने का ही आरोप नहीं है बल्कि उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली-एसीआर में दर्जनों संगीन वारदातों में खौफ का प्रर्याय बने मोहम्मद इसरार उर्फ कट्टा का अपराध जगत में गहरा दखल है। उस पर हत्या, डकैती, जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये और हरियाणा पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम रखा था। लंबे समय से फरार चल रहा यह अपराधी अपनी पहचान बदलकर गिरोहों को लॉजिस्टिक और हथियारों का ‘बैकअप’ दे रहा था।

जाल बिछाकर उसे धर दबोचा
सटीक सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह दिल्ली और एनसीआर के संगठित आपराधिक गिरोहों को ‘बैकअप’ और अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराता था। इसरार की गिरफ्तारी से उन तमाम गिरोहों की कमर टूट जाएगी जो दिल्ली में खौफ का पर्याय बने हुए हैं। अभी तक दिल्ली और हरियाणा पुलिस द्वारा उस पर इनाम घोषित करने के बावजूद वह लंबे समय से पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन अब दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इस इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है, तो पूछताछ के बाद कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है।
पनाहगार भी पुलिस के रड़ार पर
पुलिस का मानना है कि इसरार उर्फ कट्टा से पूछताछ के बाद पुलिस सूत्रों का दावा है कि अगले 48 घंटों में दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कई ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी, जिससे इस पूरे तस्करी नेटवर्क का जड़ से सफाया हो सके। अब पुलिस उन संपर्कों की तलाश कर रही हैं जहाँ से वह हथियार मंगवाता था। इस गिरफ्तारी से अब पुलिस के रडार पर कई बड़े गिरोह हैं, जिसके लिए पुलिस अब इस दिशा में जांच कर रही है कि इसरार हथियार खुद बनाता था या मध्य प्रदेश/मुंगेर जैसे इलाकों से मंगवाता था? वहीं किन-किन बड़े गैंगस्टर्स ने हाल के महीनों में उससे हथियारों की खेप ली है? फरार रहने के दौरान उसे किन लोगों ने पनाह दी?
सफेदपोशों और गैंगस्टरों की टूटेगी कमर
क्राइम ब्रांच की शुरुआती पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इसरार ने स्वीकार किया है कि वह दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों के संगठित आपराधिक गिरोहों को अत्याधुनिक हथियार सप्लाई करता था। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इसरार को फरारी के दौरान किन सफेदपोशों (पर्दे के पीछे के मददगारों) ने पनाह दी और उसके ‘कस्टमर’ लिस्ट में कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। दिल्ली पुलिस अब इस दिशा में काम कर रही है कि इसरार हथियारों की खेप कहाँ से लाता था। शक की सुई मध्य प्रदेश और बिहार के मुंगेर की तरफ घूम रही है।










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