
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किशोरी लाल फाउंडेशन की ओर से कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में “विकसित भारत 2047 में हरित ऊर्जा : एक महत्वपूर्ण कदम” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाजसेवियों और पत्रकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘सद्भावना सम्मान’ से सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम में हिल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह, कोयला मंत्रालय के उपसचिव राम कुमार, संसद टीवी के वरिष्ठ पत्रकार मनोज वर्मा, पीसीएस अधिकारी मदिरा शर्मा, भारत सरकार के अवर सचिव संजय कुमार तथा भाजपा पूर्वांचल मोर्चा दिल्ली प्रदेश के महासचिव जगदंबा सिंह समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने अतिथियों के स्वागत के साथ किया।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए हिल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में हरित ऊर्जा क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 गीगावाट से अधिक हो चुकी है और भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में विश्व में चौथे तथा पवन ऊर्जा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के लक्ष्य को ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को भारत की ऊर्जा यात्रा में ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक 5 मिलियन टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य उद्योग, परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ जैसी पहलों को भी भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता का उदाहरण बताया।
संसद टीवी के वरिष्ठ पत्रकार मनोज वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का विजन ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने और सतत विकास को बढ़ावा देने का मजबूत आधार बना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा, सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित की है।
कोयला मंत्रालय के उपसचिव राम कुमार ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में हरित ऊर्जा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। वहीं भाजपा पूर्वांचल मोर्चा दिल्ली प्रदेश के महासचिव जगदंबा सिंह ने कहा कि परंपरागत ऊर्जा स्रोतों की सीमाओं को देखते हुए देश को वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ना होगा।
भारत सरकार के अवर सचिव संजय कुमार ने कहा कि हरित ऊर्जा केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता, सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत की हरित ऊर्जा आधारित विकास यात्रा देश को विकसित राष्ट्र और विश्व मंच पर सशक्त नेतृत्व प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने सहयोग के लिए एमसीएल, इंडियन ऑयल, गेल और एचपीसीएल का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग की अपेक्षा जताई।












Total views : 325531