
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। एनसीआर क्षेत्र मुजफ्फरनगर में संचालित पेपर मिलो में आरडीएफ की आड़ में चल रहा कचरे से बढ़ते प्रदूषण ने आंदोलन का रूप ले लिया है। इस मामले में बुधवार को जट मुझेड़ा में भाकियू की किसानों के साथ महापंचायत हुई, जिसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली व अन्य शहरों को आरडीएफ मुजफ्फरनगर में नहीं आने दिया जाएगा। यदि वाहन कचरा लेकर आएंगे तो उनके टायर भल्लों से फोड़े जाएंगे, जिले को बीमार नहीं होने देंगे।
मुजफ्फरनगर क्षेत्र में संचालित पेपर मिलो ने पिछले कई सालों से आरडीएफ की आड़ में दिल्ली, पंजाब से आ रहा लीगेसी वेस्ट को जलाकर जिले की हवा को दूषित कर रखा है। इस कारण प्रदूषण 400 से अधिक पहुंच गया और वातावरण में दुर्गंध पैदा हुई। इसके विरोध में पेपर मिलों में आरडीएफ पर आम लोगों सहित किसान संगठनों ने पहरा बैठाया है। भाकियू ने इस मामले को लेकर जट मुझेडा में महापंचायत की। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जिला प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों को चेतावनी देते हुए कहा कि जब दिल्ली में आरडीएफ नहीं जलाया जा सकता, तो उसे मुजफ्फरनगर में जलाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दिल्ली से आने वाला आरडीएफ किसी भी सूरत में मुजफ्फरनगर में नहीं आने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से अपील की कि वें प्रदूषित जल का बहाव तत्काल बंद करें और पर्यावरणीय नियमों का पालन करें। इस दौरान कहा कि प्रदूषण से खेती, पशुधन और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। इस पंचायत में भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे। पंचायत में एसडीएम सदर प्रवीण द्विवेदी व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एई कुंवर बहादुर सिंह भी पहुंचे, जिन्हें किसानों ने अपने बीच जमीन पर बैठाकर रखा।
शुक्रवार को आमने-सामने होंगे अधिकारी, व्यापारी व किसान
महापंचायत में निर्णय हुआ कि शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में एक बैठक होगी, जिसमें किसान, प्रशासनिक अधिकारी व प्रदूषण अधिकारी के साथ पेपर मिल उद्यमी शामिल होंगे। इस दौरान ही प्रदूषण पर नियंत्रण को आगे का निर्णय होगा।
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