
लोकपथ लाइव, मुजफ्फरनगर। प्रदूषण बढ़ते ही ग्रैप-3 प्रभावी होने पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिकारियों ने क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी है। बिल्डिंग मैटैरियल कारोबारी, कोल्हुओं सहित अन्य इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिले के कोल्हु संचालकों पर नोटिस की बौछार हो गई है। हालांकि पर्यावरण संरक्षण में लगे जागरूक लोगों का कहना है कि बड़ी इकाइयों को नोटिस जारी कर कार्रवाई हो तो प्रदूषण पर नियंत्रण होगा।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के दृष्टिगत ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप)-3 के प्रभावी होने के साथ ही स्थानीय इकाई ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके दृष्टिगत ग्राम खांजापुर में ओम सांई राम बिल्डिंग मैटिरियल, भोपा रोड स्थित श्यामा जी ट्रेडर्स तथा काली नदी पुल के समीप गजराज बिल्डिंग मैटिरियल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि इन इकाइयों द्वारा खुले में निर्माण सामग्री का भंडाण किया गया है, जिससे उड़ती धूल वायु प्रदूषण में वृद्धि कर रही है। उक्त इकाइयों को तत्काल सुधार हेतु नोटिस जारी किए गए। इसी क्रम में भोपा रोड स्थित उद्योग मै. सविता सिलेंडर्स, मै. तिरूपति सिलेंडर्स तथा मै. दकिनी हेल्थ फूड्स में बिना नियमानुकूल उत्सर्जन नियंत्रण उपकरणों के डीजी सैट संचालित पाए गए, जिससे वायु एवं ध्वनि प्रदूषण हो रहा था।
इन इकाइयों को भी नोटिस जारी कर सुधार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जानसठ रोड पर कोल्हू इकाइयों का निरीक्षण हुआ, जिसमें वलीपुरा निवासी सोनू, मुझेड़ा निवासी फूल मियां तथा शाने रज़ा के कोल्हुओं में नियमों के विरुद्ध प्रदूषणकारी गतिविधियाँ पाई गईं। इन सभी को नोटिस जारी किए गए। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग की कार्रवाई जारी है।
सूत्र बताते हैं कि जिले में कोल्हु संचालकों को सबसे ज्यादा नोटिस भेजे गए हैं। इसके साथ ही 10 से अधिक कोल्हुओं को सील भी किया है। जिले में 500 से अधिक कोल्हुओं को संचालन हो रहा है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि कोल्हुओं पर 60 प्रतिशत तक अपशिष्ट जलाया जाता है।
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