
लोकपथ लाइव, मेरठ।
वेस्ट यूपी के जिला मेरठ की क्रांतिकारी धरा का नाम रविवार को देश के विकास के पन्नों में हमेशा के लिए लिखा गया, क्योंकि मेरठ को देश की पहली रैपिड रेल मिली है। इसके उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहिउद्दीनपुर में हुई जनसभा के माध्यम से अपने 37 मिनट के भाषण में पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति का खाका भी खींचा, क्योंकि यह आयोजन केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के शुभारंभ का नहीं था, बल्कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है। अपने भाषण में मोदी ने मेरठ का 14 बार नाम लिया और सभा में आए वेस्ट यूपी के मतदाताओं की नब्ज को भांपते हुए कांग्रेस पर सीधा प्रहार किया करते हुए पिछली सरकार के घोटालों की सरकार बता कर लोगों का दिल जीता। इस दौरान मोदी ने वेस्ट यूपी में डबल इंजन सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश कर बताया, भाजपा जो वादे करती है और उन्हें पूरा करती है।


मेरठ के वीर बलिदानियों को याद किया
प्रधानमंत्री को सुनने के लिए रैली में वेस्ट यूपी से हजारों लोग आए थे। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत बाबा औघड़नाथ मंदिर और मेरठ की क्रांतिकारी भूमि को नमन करते हुए की। राजनीतिक रूप से भाजपा के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। जाट-मुस्लिम समीकरणों और किसान आंदोलनों की पृष्ठभूमि के बीच, भाजपा यहां ‘विकास’ को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। मोदी ने अपने भाषण में मेरठ के बलिदानियों के नाम का जिक्र किया और किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह का नाम लेकर जातिगत समीकरणों का साधा। उन्होंने भाषण के दौरान बीच-बीच में संवाद करते हुए कांग्रेस को घोटालों की सरकार बताते हुए पंडाल में हजारों की संख्या में मौजूद लोगों से अपनी बात पर मोहर भी लगवाई।

डबल इंजन सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि 2027 के चुनाव से पहले मोदी का यह पहला पावर शो है। भाषण के दौरान मोदी ने वेस्ट यूपी में डबल इंजन की सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया और जनता को बताया, मेरठ से उनका पुराना नाता है। लोगों को बताया, 2014, 2019 व 2024 में लोकसभा चुनाव की पहली चुनावी सभा भी मेरठ से की थी और देश की पहली रैपिड रेल का शुभारंभ भी मेरठ से कर रहे हैं। उन्होंने पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीतिक किलाबंदी भी की और विपक्ष को ‘विकास विरोधी’ और ‘मर्यादाहीन’ दिखाकर भाजपा शहरी मध्यम वर्ग और युवाओं के बीच अपनी छवि को और मजबूत करने का प्रयास सफल दिखाई दी। दलित वोट साधे ने के लिए मोदी ने मंच से बसपा का नाम भी लिया।
मंच पर रहे ये बड़े नेता:
रैली में मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री बजेश पाठक, रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह, सांसद अरुण गोविल, दिनेश खटीक, अमित अग्रवाल, डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी, एमएलसी अश्वनी त्यागी, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया, मेयर हरिकांत अहलूवालिया, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी आदि की मौजूदगी यह दर्शाती है कि पार्टी जाट, किसान के साथ-साथ सभी जातिगत समीकरणों के साथ-साथ विकास को जोड़कर एक विजेता कॉम्बो तैयार कर रही है। देखा जाए तो यह रैली आगामी चुनावों और क्षेत्रीय पकड़ को देखते हुए भाजपा का एक ‘पावर शो’ है। साथ ही 12,930 करोड़ की योजनाओं के जरिए भाजपा ने यह संदेश दिया है कि उसकी प्राथमिकता केवल वादे करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना है और मेरठ और आसपास के जिलों के मतदाताओं को यह अहसास कराना है कि उनके क्षेत्र को वैश्विक स्तर की सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे रियल एस्टेट और व्यापार बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
भाषण में 14 बार मेरठ का जिक्र, मुजफ्फरनगर के गुड पर भी बोले
मोदी ने अपने 37 मिनट 20 सेकंड के भाषण में मेरठ का नाम 14 बार लिया। भाषण में वेस्ट यूपी के उद्योगों का जिक्र करते हुए बताया, इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से वेस्ट यूपी को विकास की नई गति मिल रही है। उन्होंने मेरठ की कैंची, खुजा की क्राकरी, मुरादाबाद का पीतल, सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी और बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर,हापुड़ की मिठास का भी मोदी ने जिक्र किया।










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