
खौफनाक मंजर: अफगानिस्तान के हिंदूकुश में था 5.9 तीव्रता का केंद्र, ऊंची सोसायटियों में बजने लगे खतरे के अलार्म
लोकपथ लाइव, नई दिल्ली: उत्तर भारत में शाम ढलते ही अचानक आए भूकंप के तेज झटकों ने दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई राज्यों को बुरी तरह दहला दिया। झटके इतने शक्तिशाली थे कि बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग जान बचाने के लिए लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों की ओर भागे और खुले मैदानों में जमा हो गए। राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी जान-माल के बड़े नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।


राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, अफगानिस्तान के गर्भ से उठा 5.9 तीव्रता का कंपन रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई है। इसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में जमीन के काफी नीचे स्थित था। गहराई अधिक होने के बावजूद तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि झटके रात करीब 9:45 बजे महसूस किए गए, जिससे डरे हुए लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। इसका असर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम के अलावा मुजफ्फरनगर, मेरठ, चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक महसूस किया गया। मुजफ्फरनगर के बाजारों में भी शाम के वक्त अफरातफरी का माहौल देखा गया। विशेषज्ञों ने भूकंप के बाद ‘आफ्टरशॉक्स’ (हल्के झटकों) की संभावना से इनकार नहीं किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘कांपते’ वीडियो भूकंप आते ही सोशल मीडिया पर घरों के पंखे, झूमर और सीसीटीवी कैमरों के हिलने के वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। कई ऊंची सोसायटियों में भूकंप सेंसर के कारण अलार्म बज उठे, जिससे दहशत और बढ़ गई। मुजफ्फरनगर में लोग करीब 20 मिनट तक घरों के बाहर खड़े रहे और एक-दूसरे का हाल जानते नजर आए। आफ्टरशॉक्स की आशंका, प्रशासन ने जारी की एडवायजरी विशेषज्ञों ने मुख्य झटके के बाद ‘आफ्टरशॉक्स’ (हल्के झटकों) की संभावना जताई है। मुजफ्फरनगर और दिल्ली के प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्राकृतिक आपदा के इस अचानक आए झटके ने एक बार फिर शहरी इलाकों में इमारतों की मजबूती और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन लोगों के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता है।










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